यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Haryana Crime: पिता करता था दो नाबालिग बेटियों का रेप; एक का करवा चुका था गर्भपात; कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
हरियाणा के अंबाला में दो नाबालिग बेटियों से दुष्कर्म के दोषी पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही अदालत ने जेजे एक्ट में भी तीन साल की सजा ...और पढ़ें

HighLights
- अंबाला में नाबालिग बेटियों से दुष्कर्म के दोषी पिता को उम्रकैद
- अंबाला में दोनों नाबालिग बेटियों से दुष्कर्म करता था पिता
- दोषी पिता लगातार चार साल से बेटी के साथ कर रहा था गलत काम
जागरण संवाददाता, अंबाला शहर। हरियाणा के अंबाला में दो नाबालिग बेटियों से दुष्कर्म के दोषी पिता को जिला अतिरिक्त सेशन जज मनपाल रामावत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने जेजे एक्ट में भी तीन साल की सजा सुनाई है। वहीं, अदालत ने 30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
क्या है पूरा मामला?
विगत दिनों ही अदालत ने आरोपित को दोषी करार दे दिया था। मुलाना थाना क्षेत्र की 15 वर्षीय नाबालिग ने 16 अप्रैल 2023 को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह बिहार के जिला मधेपुरा के एक गांव की रहने वाली है। उसने छठी कक्षा तक पढ़ाई की है। वह दो बहन व दो भाइयों में सबसे बड़ी है। उसकी माता घरेलू काम करती है, जिसकी दिमागी स्थिति ठीक नहीं रहती है।
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उसके पापा खेतों में काम करते हैं। चार साल पहले वह और छोटी बहन दादी के पास बिहार में रहते थे और अब अपने परिवार सहित मुलाना में रह रही है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके पिता करीब चार साल से लगातार घर पर ही उसके साथ गलत काम कर रहा था, जिसके वजह से करीब पांच महीने पहले वह गर्भवती हो गई थी।
पिता ने गर्भपात भी कराया था
पिता ने गर्भपात करवा दिया था। कुछ समय पहले उसने देखा कि पिता घर पर छोटी बहन के साथ शारीरिक संबंध बना रहा था। दोनों बहनें इससे पिता को मना करती हैं, तो पिता थप्पड़ मारता है और करंट लगाकर तड़पा कर मारने की धमकी देता है।
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पिता अशोक ने उनके साथ गलत काम किया है। अभियोजन पक्ष की ओर एडवोकेट ओपी शर्मा ने बताया कि मामले में 22 गवाहियां हुई हैं। दोषी जिंदगी भर जेल में रहेगा। दोनों बच्चियों को मुआवजे के तौर पर 6- 6 लाख रुपये की आर्थिक मदद के अदालत ने आदेश दे दिया है।
नोट- हमारे देश में जेंडर आधारित हिंसा के बारे में बात करना सबसे कठिन और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण स्थितियों में से एक हो सकती है। जेंडर आधारित हिंसा में महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा, पारिवारिक दुर्व्यवहार, यौन उत्पीड़न, बाल शोषण, बाल यौन शोषण और पीछा करना शामिल है। अगर आप भी ऐसी किसी हिंसा से पीड़ित हैं, तो Aks Crisis Line की आधिकारिक वेबसाइट या 8793088814 और 8793088815 पर फोन करके सहायता मांग सकती हैं।