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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana Assembly Election 2024: अंबाला हॉट सीट पर सबकी नजर, अनिल विज पर दांव खेलने की तैयारी में भाजपा

    Updated: Fri, 23 Aug 2024 12:06 PM (GMT+05:30)

    Haryana Assembly Election 2024 हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों में उथल-पुथल शुरू हो गई है। भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला दिख ...और पढ़ें

    अंबाला छावनी विधानसभा सीट पर सबकी नजर (फाइल फोटो)
    अंबाला छावनी विधानसभा सीट पर सबकी नजर (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. कांग्रेस में हुड्डा और सैलजा के नजदीकियों के बीच घमासान
    2. 1990 में उपचुनाव में अनिल विज की हुई थी एंट्री

    दीपक बहल, अंबाला। अंबाला छावनी विधानसभा सीट (Ambala Vidhansabha Seat) प्रदेश की हॉट सीटों में गिनी जाती है। प्रदेश के पूर्व गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री यहां से छह बार विधायक रहे हैं। लगातार पिछले तीन चुनाव (Haryana Vidhansabha Chunav 2024) जीतकर वह हैट-ट्रिक बना चुके हैं।

    सातवीं बार उनके सामने साख बचाने की बड़ी चुनौती है। इस बार भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। इनेलो-बसपा भी इस बार प्रत्याशी उतारेगी। कांग्रेस में टिकटों को लेकर अभी घमासान मचा है।

    हुड्डा और सैलजा के नजदीकियों में टिकट लेने की होड़

    पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा के नजदीकियों में टिकट लेने की होड़ लगी है। इसमें पूर्व मंत्री चौधरी निर्मल सिंह की बेटी चित्रा सरवारा भी लाइन में हैं। निर्मल सिंह परिवार हुड्डा के नजदीक माना जाता है।

    दूसरी ओर, कुमारी सैलजा के नजदीकी परविंद्र सिंह परी और उनकी पत्नी निमृत कौर भी टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं। अब किसकी नजदीकियों का किसे फायदा मिलेगा, यह टिकट मिलने के बाद पता चलेगा। हालांकि इन तीनों के अलावा भी 11 लोग और टिकट के लिए लाइन में हैं।

    सुषमा के राज्यसभा जाने के बाद विज की हुई थी एंट्री

    पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की परवरिश और पढ़ाई अंबाला छावनी में ही हुई। वर्ष 1990 में सुषमा स्वराज को राज्यसभा में भेज दिया गया था। इसके बाद उपचुनाव में अनिल विज की एंट्री हो गई।

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    विज ने उपचुनाव जीत विधायक बन गए। उस उपचुनाव के लिए भी भाजपा के दिग्गज नेता भगवानदास सहगल की पैरवी कर रहे थे, लेकिन सुषमा स्वराज ने विज के नाम का समर्थन किया था। इसी का परिणाम रहा कि विज ने पहला विधानसभा चुनाव जीता।

    विज पर ही भाजपा खेल सकती दांव

    अनिल विज विधायक बनने के बाद मनोहर सरकार में पहले स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री बने और फिर बाद में निकाय जैसा महत्वपूर्ण महकमा भी उनके पास आ गया। बाद में हालांकि विभागों में बदलाव होता रहा। खेल और निकाय उनके हाथ से चला गया और उसके अलावा दूसरे विभाग उनके पास आ गए।

    इसी बीच गृह विभाग भी उनके पास आ गया, लेकिन बीच में ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को बना दिया गया, लेकिन नायब सरकार में विज को कोई मंत्री पद नहीं मिल पाया। हाल ही में विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा ने प्रदेश चुनाव समिति के बीस नेताओं की लिस्ट जारी की थी, जिसमें विज का नाम नहीं था। हालांकि बाद में विज का नाम भी इसमें जोड़ दिया गया।

    अंबाला छावनी : अब तक के चुनाव परिणाम

    वर्ष विजेता दल
    1967 डी.आर. आनंद कांग्रेस
    1968 भगवान दास भारतीय जन संघ
    1972 हंस राज सूरी कांग्रेस
    1977 सुषमा स्वराज जनता पार्टी
    1982 रामदास धमीजा कांग्रेस
    1987 सुषमा स्वराज भाजपा
    1990 अनिल विज भाजपा
    1991 बृज आनंद कांग्रेस
    1996 अनिल विज निर्दलीय
    2000 अनिल विज निर्दलीय
    2005 देवेंद्र कुमार बंसल कांग्रेस
    2009 अनिल विज भाजपा
    2014 अनिल विज, भाजपा
    2019 अनिल विज भाजपा

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