अंबाला में निर्माणाधीन तीन मंजिला भवन गिरने से बड़ा हादसा, 5 मजदूरों की मौत; 30 श्रमिकों के दबे होने की आशंका
हरियाणा के अंबाला के घुलकोट गांव में निर्माणाधीन मकान गिरने से बड़ा हादसा हुआ, जिसमें पांच मजदूरों की मौत हो ...और पढ़ें
HighLights
अंबाला के घुलकोट में निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिरा।
हादसे में चार मजदूरों की दुखद मौत, 30 फंसे होने की आशंका।
एसडीआरएफ और जेसीबी द्वारा बचाव अभियान तेजी से जारी।
जागरण संवाददाता, अंबाला शहर। धूलकोट गांव में रविवार दोपहर 2:45 बजे निर्माणाधीन तीन मंजिला अवैध कामर्शियल भवन गिर गया। करीब 30 श्रमिक दब गए। इनमें से पांच की मौत हो गई, जबकि 13 घायल हो गए। रात 12 बजे तक श्रमिकों को निकाला जा रहा था।
छह मजदूरों ने दूसरी मंजिल से कूदकर जान बचाई। भवन की तीसरी मंजिल का लैंटर डाला जा रहा था। इसी दौरान वह गिर गया, इसके बाद दूसरी और फिर पहली मंजिल के लैंटर भी गिर गए। यह भवन अवैध रूप से बनाया जा रहा था। इसका नक्शा पास नहीं कराया गया था। 1200 गज में भवन की तीनों मंजिल चार इंची दीवारों पर खड़ी की गई।
छावनी से करीब 10 किमी दूर धूलकोट गांव में दो महीने से भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। रविवार को तीसरी मंजिल पर 17 श्रमिक लैंटर लगाने में जुटे थे। इसी दौरान पीछे के हिस्से लैंटर गिर गया। इसके बाद दूसरी और पहली मंजिल के लैंटर गिर गए और दीवारें भी ढह गईं।
प्रथम तल पर दीवारों पर प्लस्तर कर रहे 10-12 श्रमिक भी दब गए। ये लैंटर के सरिये के जाल में फंस गए। इनमें से छह ने आगे की ओर कूदकर जान बचाई। बाकी मलबे में गिर गए। दूसरी मंजिल का लैंटर करीब 10-12 दिन पहले ही लगाया गया था। इसकी शटरिंग एक-दो दिन पहले ही खुली थी।
मृतकों में ये शामिल
मृतकों की पहचान राजमिस्त्री राजेंद्र (50) निवासी जलबेड़ा और शास्त्री (50) निवासी गरनाला, कालिया (50) निवासी बाराबंकी उत्तर प्रदेश, रूप सिंह (55) निवासी गांव डंगडेरा लालड़ू पंजाब के रूप में हुई है। इनके अलावा रात 11:30 बजे मलकीत सिंह (55) का शव भी निकाला गया। वह पंजाब के लालड़ू के गांव डंगडेरा का रहने वाला पूर्व सैनिक था। यहां साइट सुपरवाइजर था।

मध्यरात्रि तक डटे रहे अधिकारी
घटना के कुछ देर बाद ही प्रशासनिक अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर निगम, फायर ब्रिगेड की टीमें पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। करीब सवा सात बजे एनडीआरएफ के 25 सदस्य और पहुंचे। अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य में बाधा आई। लाइटों की व्यवस्था की गई है। डाग स्क्वाड को भी बुलाया गया।
घटनास्थल पर डीसी सचिन गुप्ता, एसपी अजीत सिंह शेखावत, अंबाला शहर के एसडीएम दर्शन कुमार, कैंट एसडीएम कनिका गोयल के अलावा कई अधिकारी मध्यरात्रि तक रहे। निगमायुक्त वीरेंद्र सहरावत ने कहा कि भवन बिना नक्शा प्लान के बनाया जा रहा था। हादसे के कारण घटिया निर्माण सामग्री और जल्द बनाना रहे। मालिक के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। उधर
हादसे में ये हुए घायल
इस हादसे में घायल 13 श्रमिकों का उपचार शहर के नागरिक अस्पताल में किया जा रहा है। घायलों में सिया राम निवासी गोंडा उत्तर प्रदेश, सतीश निवासी पूर्णिया बिहार, बलिंदर निवासी धुरकड़ा मूल निवासी जींद, फुल्लो कुमार निवासी लखीसराय बिहार, अशोक निवासी सेठी एनक्लेव अंबाला शहर, वेद प्रकाश निवासी गरनाला, दो भाई बृजेश व राजेश निवासी लखनऊ उत्तर प्रदेश, मंतोष निवासी गांव गोवाला शेखपुरा जिला पटना बिहार, रामगोपाल निवासी गांव निरंजनपुर जिला अयोध्या उत्तर प्रदेश, राजेश निवासी मोहम्मदपुर लखनऊ, रुपेश कुमार निवासी पूर्णिया बिहार, मिस्त्री वेद प्रकाश व एक अन्य घायल हैं।
एयरफोर्स स्टेशन से सटा क्षेत्र
जिस क्षेत्र में यह अवैध निर्माण चल रहा था वह एयरफोर्स स्टेशन से सटा है। इसीलिए यहां पर अधिक ऊंची इमारतों के निर्माण की मंजूरी भी नहीं दी जा सकती। इसके बादवजूद करीब 50 फीट ऊंचाई वाले इस भवन का निर्माण चलता रहा। सुरक्षा की दृष्टि से यह अति संवेदनशील क्षेत्र है।
