शंभू बॉर्डर बंद रहा तो बढ़ी लोगों की मुश्किलें, 11 घंटे में लंबा चक्कर और बढ़ा पेट्रोल-डीजल का खर्च
शंभू बॉर्डर 11 घंटे बंद रहने से यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों को भारी परेशानी हुई, जिससे दिल्ली-पंजाब मार्ग पर लंबा चक्कर लगाना पड़ा और ईंधन खर्च बढ़ा। ...और पढ़ें

शंभू बॉर्डर बंद रहा तो बढ़ी लोगों की मुश्किलें (जागरण फोटो)
HighLights
शंभू बॉर्डर 11 घंटे बंद रहा, यात्रियों को हुई परेशानी
दिल्ली-पंजाब मार्ग पर लंबा चक्कर, ईंधन खर्च में वृद्धि
वार्ता के बाद बॉर्डर खुला, धारा-163 लागू की गई
जागरण संवाददाता, अंबाला। हरियाणा पंजाब सीमा पर शंभू बॉर्डर करीब 11 घंटे तक बंद रहने का सबसे अधिक खामियाजा आम लोगों, यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों को भुगतना पड़ा। दिल्ली और पंजाब के बीच सीधा रास्ता बंद होने से हजारों वाहनों को अंबाला छावनी, जीरकपुर, डेराबस्सी और लालड़ू होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ा।
इससे यात्रियों का समय तो बढ़ा ही, पेट्रोल-डीजल पर भी अतिरिक्त खर्च करना पड़ा। हालांकि पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर दी लेकिन किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बॉर्डर बंद करना पुलिस की मजबूरी बन गया। सुबह से ही शंभू बॉर्डर पर बैरिकेडिंग होने के कारण वाहन चालकों को मौके से वापस लौटाया गया।
पुलिस ने पहले से जारी ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर भेजा। हालांकि इन मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ने से कई स्थानों पर धीमी रफ्तार और जाम जैसी स्थिति बनी रही। दोपहिया, कार और टैक्सी चालकों के अलावा सबसे अधिक परेशानी ट्रक व मालवाहक वाहनों को हुई। लंबा रास्ता तय करने के कारण डीजल की खपत बढ़ी और माल ढुलाई की लागत भी प्रभावित हुई।
निजी वाहन चालकों ने भी बताया कि उन्हें तय दूरी से कहीं अधिक सफर करना पड़ा, जिससे अतिरिक्त ईंधन खर्च हुआ। बॉर्डर बंद होने से कई लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके।
नौकरीपेशा लोग, मरीजों को लेकर जा रहे परिजन और व्यापारिक कार्य से निकले लोगों को घंटों की देरी झेलनी पड़ी। शंभू बॉर्डर पर एक एंबुलेंस भी फंस गई, जिसे रास्ता नहीं मिलने पर वापस लौटना पड़ा। शाम करीब पौने पांच बजे किसानों और सरकार के बीच वार्ता सफल होने के बाद बॉर्डर खोल दिया गया। इसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हुआ और दोनों राज्यों के बीच वाहनों की आवाजाही फिर शुरू हो सकी।
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पुलिस ने लगाई 163 धारा
शंभू बॉर्डर पर पुलिस की ओर से धारा-163 लगा दी है। जो 27 जुलाई तक लागू रहेगी। ऐसे में यहां पर पांच या इससे अधिक व्यक्ति एक साथ नहीं रुकेंगे। शंभू बॉर्डर पर हालात शांतिपूर्वक रहे। इसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है। वहीं यातायात को सुचारू करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने यातायात को डायवर्ट भी कर दिया था
लोगों को उठानी पड़ी परेशानी, एंबुलेंस को भी नहीं मिला रास्ता
शभू बॉर्डर बंद होने से दिनभर लाेगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जहां लोग दूसरे राह की तलाश में भटकते रहे। कई बॉर्डर से ही निकलने की जिद करते रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। वहीं एक एंबुलेंस भी इसमें फंस गई। जिसमें मरीज था, लेकिन बंद होने के चलते एंबुलेंस को वापस होना पड़ा।