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    अंबाला में जमीन सौदे में इकरारनामा कर हड़पे 19 लाख रुपये, न रजिस्ट्री की और न पैसे लौटाए

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 11:55 AM (IST)

    अंबाला के नरेंद्र को जमीन सौदे में 19 लाख रुपये की धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया। आरोपियों ने इकरारनामा कर पैसे लिए। ...और पढ़ें

    अंबाला में जमीन सौदे में इकरारनामा कर हड़पे 19 लाख रुपये (प्रतीकात्मक फोटो)

    अंबाला में जमीन सौदे में इकरारनामा कर हड़पे 19 लाख रुपये (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. नरेंद्र से जमीन सौदे में 19 लाख की ठगी।

    2. आरोपियों ने इकरारनामा कर पैसे लिए, रजिस्ट्री नहीं की।

    3. पुलिस ने बलबीर कौर, परविन्द्र सिंह, सचिन भल्ला पर केस दर्ज किया।

    जागरण संवाददाता, अंबाला शहर। पंजोखरा थाना क्षेत्र के रहने वाले नरेंद्र के साथ 19 लाख रुपये की ठगी हो गई। आरोपितों ने उसके साथ इकरारनामा कर लिया। जिसमें रुपये लेते रहे लेकिन रजिस्ट्री नहीं करवाई और बाद में राशि भी वापिस नहीं की।

    फिलहाल पुलिस ने शिकायत पर बलबीर कौर, परविन्द्र सिंह निवासी गांव जिआन जिला होशियारपुर और सचिन भल्ला निवासी श्याम नगर, एक्सटेंशन तिलक नगर नई दिल्ली के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

    गांव बरनाला के राजा गार्डन के रहने वाले नरेंद्र सिंह ने बताया कि बलबीर कौर व उसके बेटे परविन्द्र सिंह से 12 जून 2025 को 7 कनाल जमीन जो गांव जिआन जिला होशियारपुर में है, उसे 48 लाख रुपये में खरीदी थी।

    आरोपितों को दिया था 3 लाख रुपये का चेक

    उसी दिन 3 लाख रुपये का चेक आरोपितों को दिया था। उन्होंने 23 जून को 12 लाख रुपये लोन भरने के लिए मांगे थे। उन्हें साढ़े 7 लाख रुपये और साढ़े 4 लाख रुपये दिये थे। रजिस्ट्री की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर तक करवानी थी।

    आरोपितों ने दोबारा 4 लाख रुपये की मांग की। ऐसे करके उन्होंने 19 लाख रुपये ले लिये। जब रजिस्ट्री कराने के लिए बोला तो टाल मटोल करते रहे। वह तहसील कार्यालय होशियारपुर में रजिस्ट्री के लिए रकम लेकर गया परंतु आरोपित नहीं आए।

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    जो शाम को तहसील में मिले तो उन्होंने कहा कि 19 लाख रुपये और उससे 2 लाख रुपये ज्यादा देंगे। आरोपितों ने धोखाधड़ी की नीयत से राजीनामा कर लिया। जिन्होंने पैसे देने की बजाए चेक दे दिया, लेकिन बैंक में चेक डिस्आनर हो गए। इसके बाद लीगल नोटिस दिया परंतु पैसे नहीं दिये।

    09 मार्च 2026 को आरोपितों ने आपस में मिली भगत करके धोखाधड़ी कर तीसरे व्यक्ति के नाम रजिस्ट्री करवा दी। आरोपितों ने 19 लाख रुपये लेकर इकरारनामा करके न तो जमीन की रजिस्ट्री करवाई और न ही पैसे वापिस किये।