यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल में युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमले, चंडीगढ़ PGI ले जाते समय तोड़ा दम
अंबाला छावनी में मौजूद नागरिक अस्पताल के एक इमरजेंसी वार्ड में युवक पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला किया गया है। हमले को अंजाम देने के बाद आरोपी भाग गए। अस् ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, अंबाला।अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में बुधवार को बदमाशों ने गांव शाहपुर के रहने वाले अमरीक पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया। इस घटना से स्टाफ भी दहशत में आ गया।
वारदात को अंजाम देन के बाद आरोपित फरार हो गए। घायल को प्राथमिक उपचार देकर पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर किया गया। बीच रास्ते में अमरीक की मौत हो गई। हमला रंजिशन किया गया है, जबकि अंबाला कैंट थाना पुलिस आगामी कार्रवाई कर रही है।
यह है मामला
शाहपुर का रहने वाला अमरीक ऑटो चालक है। गांव के ही कुछ लोग अमरीक से रंजिश रखते थे। बताया जाता है कि आरोपित अमरीक के बेटे को मारने की धमकी भी दे रहे थे। बुधवार को अमरीक अपनी पत्नी सुमन के साथ बेटी के लिए खरीददारी कर वापस अपने घर पर आया था।
यहां पर आरोपितों ने उस पर ईंट पत्थर से हमला कर दिया, जिससे उसका सिर फट गया और वह लहूलुहान हो गया। आरोपित मौके से फरार हो गए। इसके बाद अमरीक व उसकी पत्नी पड़ाव थाना क्षेत्र पहुंचे। यहां पर दोनों को पहले नागरिक अस्पताल पहुंचकर मेडिकल व उपचार कराने को कहा गया।
अमरीक व उसकी पत्नी अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल में पहुंच गए। यहां पर उसका उपचार किया जा रहा था कि इसी दौरान आरोपित मौके पर पहुंच गए।
तेजधार हथियार से गर्दन और पेट में घोंपे चाकू
अभी इमरजेंसी में अमरीक का उपचार ही चल रहा था कि इसी दौरान आरोपितों ने तेजधार हथियार से हमला कर दिया। पहला वार आरोपितों ने अमरीक की गर्दन पर किया, जिससे खून बहने लगा। आरोपित यहीं पर नहीं रुके, इसके बाद उन्होंने अमरीक के पेट में चाकू घोंप दिया। वारदात को अंजाम देकर आरोपित फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने अमरीक की पत्नी के बयान दर्ज किए।
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अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस वारदात से अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल के कर्मचारी इतने सक्षम नहीं हैं कि ऐसी किसी वारदात के दौरान अपने स्तर पर मुकाबला कर सकें। महज एक डंडे के सहारे कर्मचारियों को अस्पताल में सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है।
यही नहीं कई बार तो सुरक्षा कर्मियों की संख्या भी सीमित रह जाती है। हालांकि अस्पताल की इमरजेंसी के पास ही पुलिस पोस्ट भी है, लेकिन बावजूद इसके आरोपित वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।