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    बहादुरगढ़: बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी, 11 से 13 अगस्त तक पूरे हरियाणा में हड़ताल का ऐलान

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 02:37 PM (IST)

    बहादुरगढ़ में बिजली कर्मचारियों का जनविरोधी नीतियों और निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने 11 से 13 अगस्त तक पूरे हरियाणा म ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन बहादुरगढ़ में चौथे दिन जारी।

    2. 11 से 13 अगस्त तक पूरे हरियाणा में हड़ताल का ऐलान।

    3. निजीकरण और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन जारी।

    जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने जनविरोधी नीतियों व बिजली क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में लगातार चौथे दिन भी आंदोलन जारी रखा।

    सब यूनिट स्तर की कमेटियों ने शहर में सड़कों पर उतर विरोध प्रदर्शन किया तथा शुक्रवार को भी प्रदर्शन करने का ऐलान किया।

    कर्मचारियों ने सफाई कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का भी समर्थन किया, जबकि नगर पालिका कर्मचारी संघ ने बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

    क्या है कर्मचारियों का आरोप?

    कर्मचारियों का आरोप है कि बिजली मंत्री के साथ हुई वार्ता में सरकार ने उनकी मांगों की अनदेखी की, जिससे रोष बढ़ गया है।

    संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदर्शन की अध्यक्षता सब यूनिट प्रधान भूपेंद्र और कृष्ण ने संयुक्त रूप से की, जबकि मंच संचालन सब यूनिट सचिव ललित और मनोज ने किया।

    सर्किल सचिव बिजेंद्र फौगाट, राज्य कमेटी सदस्य रविंद्र दलाल तथा एसकेएस ब्लाक प्रधान बिजेंद्र सैनी ने कहा कि सरकार की जनविरोधी नीतियों, बेलगाम निजीकरण और लंबित कर्मचारी मांगों के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।

    पूरे हरियाणा में होगी हड़ताल

    आगामी 11 से 13 अगस्त तक जनसंगठनों, किसान संगठनों, कर्मचारी संगठनों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, बुद्धिजीवियों, सरपंचों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी।

    संघर्ष समिति ने सरकार से एग्री डिस्काम योजना और नूंह-गुरुग्राम में इलेवन पावर लिमिटेड को दिए गए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस को रद्द करने, स्मार्ट मीटर योजना बंद करने, 10 वर्ष से अधिक सेवा दे रहे कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने, नियमितीकरण तक समान काम के लिए समान वेतन लागू करने तथा एक्सग्रेशिया नीति में मानवीय सुधार करने की मांग दोहराई। कर्मचारियों ने जनता से भी निजीकरण के विरोध में साथ देने की अपील की।

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