विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

भिवानी के चरखी दादरी में नशे के खिलाफ अलख जगा रहे 77 वर्षीय रामकिशन शर्मा, 15 सालों से चला रहे अभियान

Published: Wed, 12 Aug 2026 12:12 PM (IST)

77 वर्षीय रामकिशन शर्मा पिछले 15 वर्षों से चरखी दादरी में नशे के खिलाफ अभियान चला रहे हैं, युवाओं को जागरूक कर रहे हैं।

भिवानी के चरखी दादरी में नशे के खिलाफ अलख जगा रहे 77 वर्षीय रामकिशन शर्मा (फोटो: जागरण)

भिवानी के चरखी दादरी में नशे के खिलाफ अलख जगा रहे 77 वर्षीय रामकिशन शर्मा (फोटो: जागरण)

HighLights

  1. 77 वर्षीय रामकिशन 15 साल से नशामुक्ति का संदेश फैला रहे।

  2. तीन दर्जन से अधिक पंचायतों ने उनके कार्य को सराहा।

  3. कांवड़ यात्रा में भी नशे के खिलाफ संदेश देते हैं।

जागरण संवाददाता, चरखी दादरी। उम्र के इस पड़ाव पर जहां अधिकांश लोग आराम की जिंदगी बिताना पसंद करते हैं, वहीं, चरखी दादरी जिले के बाढड़ा निवासी 77 वर्षीय रामकिशन शर्मा पिछले 15 वर्षों से नशे के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।

नशे के दुष्प्रभावों से युवाओं और आमजन को जागरूक करना उन्होंने अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया है। गांव-गांव जाकर लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश देने वाले रामकिशन शर्मा को क्षेत्र की तीन दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतें उनके इस योगदान के लिए सम्मानित कर चुकी हैं। बीते दिनों पुलिस अधीक्षक की ओर से भी नशामुक्ति के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

रामकिशन शर्मा का नशामुक्ति अभियान केवल गांवों और सार्वजनिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है। वह बस, ट्रेन या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर सफर के दौरान जब भी मौका मिलता है, लोगों से बातचीत कर उन्हें नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करते हैं। उनका प्रयास रहता है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से पहले ही इसके दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी जाए।

हर साल कांवड़ यात्रा में भी देते हैं नशामुक्ति का संदेश

रामकिशन शर्मा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी को भी आगे बढ़ा रहे हैं। वह हर साल कांवड़ लेकर आते हैं और अब तक 54 कांवड़ ला चुके हैं। बीते 15 सालों से वे कांवड़ यात्रा के दौरान रास्ते में मिलने वाले लोगों और श्रद्धालुओं को भी नशे से दूर रहने का संदेश देते हैं।

उनका मानना है कि धार्मिक यात्राएं और आयोजन लोगों को सकारात्मक संदेश देने का बेहतर माध्यम हैं। इसी कारण वह धार्मिक कार्यक्रमों में शिरकत करने के दौरान नशामुक्ति का संदेश देना नहीं भूलते।

युवाओं को लिए बने हैं प्रेरणा

बुजुर्ग एथलीट रामकिशन शर्मा 77 वर्ष की उम्र में भी देश-विदेश के खेल मैदानों पर फर्राटा भरते हैं। बीते करीब 10 सालों के दौरान वे इंटरनेशनल, नेशनल व स्टेट लेवल के 300 से अधिक मेडल अपने नाम कर चुके हैं। रामकिशन शर्मा स्वयं भी युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

उनका कहना है कि खेल और व्यायाम युवाओं को शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं। उनका मानना है कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें खेलों और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है।

सामाजिक संस्थाओं ने भी किया सम्मानित

नशामुक्ति के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए आर्य समाज सभा, ब्राह्मण सभा समेत क्षेत्र की अनेक सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं भी रामकिशन शर्मा को सम्मानित कर चुकी हैं। रामकिशन शर्मा का कहना है कि नशा केवल एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करता, बल्कि पूरे परिवार और समाज को नुकसान पहुंचाता है।

इसलिए नशे के खिलाफ लड़ाई केवल किसी एक संस्था या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है। हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए युवाओं को जागरूक करना चाहिए। उनका संकल्प है कि उम्र की परवाह किए बिना वह आगे भी नशामुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाते रहेंगे।