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    CWG 2026: सचिन के 'गोल्डन पंच' पर झूम उठा भिवानी, मिताथल गांव में देर रात तक गूंजता रहा जश्न

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 03:55 AM (IST)

    ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में सचिन सिवाच जूनियर ने मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीता, जिससे उनके पैतृक गांव मिताथल, भिवानी में खुशी का माहौल छा गया। ...और पढ़ें

    CWG 2026: सचिन के 'गोल्डन पंच' पर झूम उठा भिवानी। फाइल फोटो

    CWG 2026: सचिन के 'गोल्डन पंच' पर झूम उठा भिवानी। फाइल फोटो

    सुरेश मेहरा, भिवानी। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों की बाक्सिंग रिंग में जैसे ही रेफरी ने भारत के सचिन सिवाच जूनियर का हाथ विजेता के रूप में ऊपर उठाया, हजारों किलोमीटर दूर भिवानी के गांव मिताथल में मानो दीपावली उतर आई।

    घर के आंगन में टीवी के सामने सांसें थामे बैठे पिता अनिल सिवाच, मां सुमन, दादा जैल सिंह, दादा धूप सिंह, दादी सजनी देवी, बहन नेहा, चाचा पवन सिवाच और चाची ऋतु खुशी से झूम उठे। किसी की आंखों से गर्व के आंसू छलक पड़े तो किसी ने हाथ जोड़कर ईश्वर का धन्यवाद किया। कुछ ही मिनटों में घर मिठाइयों की खुशबू और बधाइयों की आवाजों से गूंज उठा।

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    पदक मिलते ही झूम उठा पूरा गांव

    पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में भारतीय सेना की महार रेजिमेंट के हवलदार सचिन ने 3-2 के कांटे के मुकाबले में जीत दर्ज कर राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अंतिम फैसला भारत के पक्ष में आते ही पूरे गांव में जश्न शुरू हो गया।

    बिजेंद्र पहलवान, सुधीर (हरियाणा पुलिस), देवेंद्र उर्फ देवा, जगत मास्टर, राजेश सहित ग्रामीण एक-दूसरे को मिठाई खिलाते और "भारत माता की जय" के नारे लगाते नजर आए। सचिन के कोच अनिल टेकराम और सोनू (दिल्ली) ने इसे वर्षों की तपस्या का परिणाम बताया।

    खेल प्रेरक एवं अधिवक्ता राजनारायण पंघाल ने कहा कि सचिन का यह स्वर्ण केवल एक खिलाड़ी की जीत नहीं, बल्कि हर उस परिवार के सपनों की जीत है, जिसने अपने बेटे को देश के लिए आगे बढ़ते देखने का सपना देखा। मिताथल की मिट्टी से निकला यह स्वर्णिम मुक्का अब पूरे हरियाणा और देश के लिए गर्व की नई पहचान बन गया है।

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