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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana Cyber Crime: नकली ईडी अधिकारी बनकर वकील को किया डिजिटल अरेस्ट, 13 दिन तक डरा-धमकाकर 16 लाख ठगे

    Updated: Mon, 17 Feb 2025 02:20 PM (IST)

    हरियाणा (Haryana News) में एक बुजुर्ग अधिवक्ता को 13 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) में रखा गया और उससे 16.26 लाख रुपये ठग लिए गए। ईडी अधिकार ...और पढ़ें

    साइबर ठगों ने ईडी अधिकारी बनकर बुजुर्ग अधिवक्ता को 13 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। प्रतिकात्मक तस्वीर
    साइबर ठगों ने ईडी अधिकारी बनकर बुजुर्ग अधिवक्ता को 13 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। प्रतिकात्मक तस्वीर

    HighLights

    1. 13 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रहा वकील
    2. साइबरो ठगों ने 16 लाख रुपये की लगाई चपत
    3. पुलिस ने 4 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया

    जागरण संवाददाता, भिवानी।  Haryana Digital Arrest Case: ईडी अधिकारी बनकर एक बुजुर्ग अधिवक्ता को 13 दिन तक डिजिटल अरेस्ट किया गया। उसे डराया-धमकाया और गिरफ्तारी का डर दिखाया। इतना ही नहीं उससे 16.38 लाख रुपये भी ठग लिए गए।

    साइबर थाना पुलिस (Haryana Cyber crime) ने मामले में चार आरोपितों को काबू किया है। जिनमें से दो को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। वहीं, अन्य दो को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।

    30 जनवरी को आई थी वॉट्सऐप कॉल

    साइबर ठगों (Haryana crime) ने महम रोड निवासी एक बुजुर्ग अधिवक्ता को डिजिटल अरेस्ट किया। पुलिस को दी शिकायत में बुजुर्ग अधिवक्ता ने बताया कि 30 जनवरी को उसके पास वॉट्सऐप पर कॉल आई।

    कॉल करने वाले ने खुद को ईडी अधिकारी बताया और कहा कि आपके खिलाफ मनी लांड्रिंग मामले में अंधेरी मुंबई पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। आपके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया है। आपका नंबर भी दो घंटे में बंद हो जाएगा मगर हमने पूछताछ की अनुमति ली है। उससे पूछताछ शुरू कर दी गई।

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    ऐसे हुआ शक

    उससे उसके परिवार, प्रॉपर्टी, बैंक खातों के बारे में प्रश्न पूछे। फिर गिरफ्तारी का डर दिखाया। उसे 13 दिन तक इसी तरह डराकर पूछताछ गई। उससे एक फरवरी को 9.35 लाख और तीन फरवरी को 3.10 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाए। सात फरवरी को 3.81 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए।

    इसके बाद भी उसे डराया-धमकाया गया और प्रॉपर्टी पर लोन लेकर 40 लाख रुपये और देने के लिए कहा गया। इस पर उसे शक हुआ और उसने स्वजनों को बताया। जिसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। 

    पुलिस ने चार आरोपितों को किया गिरफ्तार

    साइबर अपराध थाना पुलिस के मुख्य सिपाही रफीक ने शनिवार को इस मामले में मुख्य आरोपित सहित चार आरोपितों को भिवानी से गिरफ्तार किया।

    आरोपितों की पहचान रोहतक जिला के गांव निगाना निवासी अलीम पुत्र धर्मबीर, राजस्थान के जिला चुरू के सादलपुर वार्ड नंबर 22 निवासी मोहम्मद इस्लाम पुत्र बाबू, सादलपुर के वार्ड नंबर 24 निवासी मयंक पुत्र सुशील, भिवानी की बैंक कॉलोनी निवासी कपिल पुत्र लीलू राम के रूप में हुई है।

    आरोपित कपिल और अलीम को जेल भेज दिया। जबकि मुख्य आरोपित मोहम्मद इस्लाम और मयंक को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। 

    आरोपित मोहम्मद को 6000 में बेचा था बैंक खाता

    पूछताछ के दौरान आरोपित कपिल ने बताया कि उसने धोखाधड़ी के लिए बैंक खाता चार हजार रुपये में आरोपित अलीम को दिया था। वहीं, आरोपित अलीम ने यह खाता छह हजार रुपये में आरोपित मोहम्मद इस्लाम को बेच दिया था।

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