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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Fasal Bima Yojana 2023: बेमौसम बारिश की मार झेल रहे किसानों को राहत, हरियाणा सरकार इन 46 फसलों पर देगी मुआवजा

By sonu jalgraEdited By: Prince Sharma
Updated: Tue, 12 Sep 2023 05:00 AM (IST)

Fasal Bima Yojana 2023 हरियाणा में बागवानी बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदा जैसे -आंधी-तूफान ओलावृष्टि बादल फटना इत्यादि के कारण होने वाले नुकसान पर फ ...और पढ़ें

Fasal Bima Yojana 2023: बेमौसम बारिश की मार झेल रहे किसानों को राहत
Fasal Bima Yojana 2023: बेमौसम बारिश की मार झेल रहे किसानों को राहत

HighLights

  1. हरियाणा में किसानों को मिलेगा 40 हजार का मुआवजा
  2. मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है।
  3. बागवानी बीमा योजना के तरह सरकार देगी क्लेम राशि

चरखी दादरी, जेएनएन। बागवानी बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदा जैसे -आंधी-तूफान, ओलावृष्टि, बादल फटना इत्यादि के कारण होने वाले नुकसान पर फलों की खेती पर प्रति एकड़ 40 हजार रुपये तक व सब्जियों व मसालों पर प्रति एकड़ 30 हजार रुपये तक क्लेम राशि प्रदान की जा रही है। इस योजना का लाभ लेने के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है।

750 रुपए प्रति एकड़ का प्रीमियम का करना होगा भुगतान

योजना की जानकारी देते हुए उपायुक्त मनदीप कौर ने बताया कि योजना के तहत लाभ उठाने के लिए रजिस्ट्रेशन में फलों की खेती पर एक हजार रुपये प्रति एकड़ व सब्जी व मसाले पर 750 रुपये प्रति एकड़ का प्रीमियम भुगतान करना होगा और फसल का मेरी फसल मेरा ब्योरा पर पोर्टल पर भी पंजीकरण आवश्यक है।

योजना में कुल लगभग 46 फसलों को जैसे-फलों की फसलों में किन्नू, बेर, लिची, अमरूद, खजुर, मालटा, आंवला, नींबू इत्यादि व सब्जियों की फसलों में प्याज, आलू, हरी मिर्च, भिंडी, घिया, गोभी, मटर, टमाटर, आलू इत्यादि और मसाले में हल्दी व लहसुन की फसलों को शामिल किया गया है।

ये हैं बागवानी सब्जियां

बागवानी बीमा योजना के तहत सब्जियों में आलू, गाजर, मटर, मूली, लहसून, फूलगोभी के लिए 15 सितंबर से 31 जनवरी व रबी प्याज के लिए 15 दिसंबर से 31 जनवरी, भिंडी, बैंगन, शिमला मिर्च, कद्दू, तोरइ, करेला, ककड़ी 15 जनवरी से 15 मार्च तक, खजूर के लिए एक फरवरी से 31 मई, मालटा, नींबू, संतरा, आंवला व अनार के लिए 01 मार्च से 31 मई तक पंजीकरण करवाना आवश्यक है।

बागवानी फसल बीमित किसान को प्राकृतिक नुकसान होने पर 72 घंटे के अंदर-अंदर विभागीय पोर्टल पर सूचित करना अनिवार्य है जिसके बाद फसल नुकसान का बागवानी विभाग द्वारा सात दिन के अंदर भौतिक निरीक्षण करके आंकलन किया जाएगा। इस योजना के तहत 0-25 प्रतिशत कम फसल नुकसान पर कोई मुआवजा राशि नहीं दी जाएगी।

इतनी होगी मुआवजे की राशि

सब्जियों व मसालों में 26 से 50 प्रतिशत हुए नुकसान में मुआवजा राशि 15 हजार रुपये, 50 से 75 प्रतिशत हुए नुकसान में मुआवजा राशि 22 हजार 500 रुपये व फलों में 30 हजार रुपये तथा 75 से 100 प्रतिशत हुए नुकसान में सब्जियों व मसालों में मुआवजा राशि 30 हजार रुपये व फलों में 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।