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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana: भिवानी में खुल रहे पांच हजार साल पुराने रहस्य, बीते साल से चल रही खुदाई; अभी तक मिली ये कीमती चीजें

    By Jagran News Edited By: Monu Kumar Jha
    Updated: Thu, 08 Feb 2024 01:14 PM (IST)

    Tigrana Kheda Bhiwan news तिगड़ाना खेड़ा में पांच हजार साल से ज्यादा पुरानी सिंधु सरस्वती सभ्यता के राज खुल रहे हैं। पांच दिसंबर से चल रही खुदाई के द ...और पढ़ें

    Tigrana Kheda Bhiwan News: भिवानी में खुल रहे पांच हजार साल पुराने रहस्य। फाइल फोटो
    Tigrana Kheda Bhiwan News: भिवानी में खुल रहे पांच हजार साल पुराने रहस्य। फाइल फोटो

    HighLights

    1. खुदाई में मिला घर और घर में मिले मनके।
    2. पुरातत्वविदों को मिले पांच हजार साल पुराने साक्ष्य।
    3. इससे पहले यहां 2020 की खोदाई में फियान्स की भट्टी होने के मिले चुके प्रमाण।

    सुरेश मेहरा, भिवानी। Tigrana Kheda Archaeological Site तिगड़ाना खेड़ा में पांच हजार साल से ज्यादा पुरानी सिंधु सरस्वती सभ्यता के राज खुल रहे हैं। पांच दिसंबर से चल रही खोदाई के दौरान घर मिला है और उसमें एक जगह स्टेटाइट के 1600 मनके मिले हैं। वर्ष 2020 में हुई खोदाई के दौरान यहां पर फियांस की भट्ठी भी मिल चुकी हैं।

    साल 2016 में यहां पर हुई थी पहली खुदाई

    सबसे पहले यहां पर 2016 में खुदाई कार्य किया गया था। इसके बाद वर्ष 2020 और वर्ष 2021 में भी खुदाई कार्य हो चुका है। अब चौथी बार यहां पर खुदाई कार्य चल रहा है। यहां देशभर से 25 शोधार्थी पहुंचे हैं। तिगड़ाना खेड़ा में शोडा लाइट अजमेर के भी प्रमाण मिले हैं। पुरातत्विद मान रहे हैं कि तिगड़ाना की यह साइट बहुत ही अहम है।

    अरावली श्रंखला से लाया जाता था स्टेटाइट, इसका होता था देशभर में कारोबार पुरातत्वविद डा. नरेंद्र परमार की अगुवाई में तिगड़ाना में खुदाई कार्य चल रहा है। इस दौरान यहां एक साथ मिले 1600 स्टेटाइट के मनके होना यह प्रमाणित करता है कि उस जमाने में भी यहां की सभ्यता बहुत ही विकसित होती थी।

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    हरियाणा प्रदेश का नाम रोशन करने वाली साइट

    यहां के जनजीवन को दर्शाने वाले अनेक साक्ष्य मिल रहे हैं। ऐसे में इस साइट को पुरातत्वविद बहुत ही महत्वपूर्ण मान रहे हैं। राज्य का नाम कमानेवाली है तिगड़ाना साइट राजस्थान विद्यापीठ उदयपुर के डा. जीवन खरकवाल ने बताया कि तिगड़ाना खेड़ा की यह साइट हरियाणा प्रदेश का नाम रोशन करने वाली साइट है। जब दूसरी जगहों पर हड़प्पाकालीन सभ्यता उजड़ रही थी तो यहां उसका फैलाव हो रहा था। यहां कालीबंगा साइट के भी प्रमाण मिले हैं। यहां मछली पालन, अनाज आदि के भी साक्ष्य सामने आए हैं।

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    हमारी टीम तिगड़ाना में खुदाई कार्य में लगी है। यहां सिंधू सरस्वती सभ्यता के प्रमाण मिल रहे हैं। फिलहाल खोदाई के दौरान एक घर मिला है और उसमें स्टेटाइट के 1600 मनके मिले हैं और भी बहुत कुछ नया मिलने की उम्मीद है। -डा. नरेंद्र परमार, विभागाध्यक्ष, इतिहास एवं पुरातत्व विभाग,हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़।

    कई राज्यों के पुरातत्वविद आए दौरा करने

    उदयपुर राजस्थान, लखनऊ, बंगलुरू के पुरातत्वविद दौरा करने पहुंचे तिगड़ाना खेड़े में बुधवार को डा. जीवन खरकवाल, राजस्थान विद्यापीठ उदयपुर, डा. अनिल पोखरिया लखनऊ, डा. जयश्री बंगलुरू यहां यात्रा करने के लिए आए। उन्होंने यहां इस साइट को महत्व को समझा और जाना। यहां आए शोधार्थियों से भी अपने विचार सांझा किए। उनको साइट के महत्व के बारे में भी समझाया।

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