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    बल्लभगढ़-पलवल के 25 गांवों की बल्ले-बल्ले, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और नोएडा एयरपोर्ट से मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

    Updated: Mon, 20 Apr 2026 04:18 PM (GMT+05:30)

    बल्लभगढ़ और पलवल के 25 गांवों को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए साहूपुरा से फतेहपुर ब ...और पढ़ें

    साहूपुरा गांव से लेकर फतेहपुर बिल्लौच तक मॉडल रोड बनाने की योजना पीडब्ल्यूडी तैयार कर रहा। (एआई जेनरेटेड)

    साहूपुरा गांव से लेकर फतेहपुर बिल्लौच तक मॉडल रोड बनाने की योजना पीडब्ल्यूडी तैयार कर रहा। (एआई जेनरेटेड)

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    जागरण संवाददाता, बल्लभगढ़। ग्रामीण क्षेत्र में सड़कों पर दुर्घटना कम से कम घंटे इस दिशा में काम किया जा रहा है। इसी योजना के तहत साहूपुरा गांव से लेकर फतेहपुर बिल्लौच तक मॉडल रोड बनाने की योजना पीडब्ल्यूडी तैयार कर रहा है। इसे सरकार की तरफ से मंजूरी मिल चुकी है। योजना पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

    ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादातर सड़कों की चौड़ाई पांच मीटर होती है। इन सड़कों पर गांव के नाम सामान्य बोर्ड पर लिखे हुए होते हैं। अन्य किसी भी तरह का कोई साइन बोर्ड नहीं होता है। यही कारण है कि ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटना अक्सर घटती रहती हैं। साहूपुरा से फतेहपुर बिल्लौच तक सड़क की चौड़ाई मात्र पांच मीटर है।

    अब सरकार ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बना दिया है। इस एक्सप्रेसवे पर साहूपुरा से चढ़ कर दिल्ली सराय काले खां, नोएडा तक जा सकते हैं। दूसरी तरफ जयपुर, बडौदा, मुंबई तक जा सकते हैं। यहीं पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है।

    इस मार्ग पर ग्रामीण आसानी से रात और दिन के समय आ-जा सकें, इसलिए 25 गांवों के लिए सड़क को माडल रोड बनाने के लिए सरकार ने पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिए हैं। अब इसका एस्टीमेट बनाकर सरकार को भेजा जा रहा है।

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    मॉडल रोड बनने से इन गांवों के ग्रामीणों को मिलेगा लाभ

    साहूपुरा से फतेहपुर बिल्लौच तक माडल रोड बनाने से बल्लभगढ़ क्षेत्र के साहूपुरा, मलेरना, सुनपेड़, सागरपुर, डीग, पीएम डीग, पियाला, शाहपुर कलां, फतेहपुर बिल्लौच, लढौली, पन्हैड़ा कलां, जवां, अटेरना, मोहना गांव तथा पलवल के असावटी, ततारपुर, देवली, मांदकौल, जनौली, अलावलपुर, ककड़ीपुर, नाई नंगला, सदरपुर, गोपीखेड़ा, जल्हाका, घाघौट, कटेसरा गांवों के ग्रामीणों को फायदा मिलेगा।

    साहूपुरा से फतेहपुर बिल्लौच तक माडल रोड बनाना सरकार की अच्छी योजना है। इस तरह के रोड बनने से क्षेत्र का विकास तेजी से होगा और सड़कों पर दुर्घटना भी कम घटेंगी। - खेमचंद कालीरमन, पूर्व पंचायत समिति सदस्य

    अब यदि रात के अंधेरे में कोई बाहर से आता तो उसे यही पता नहीं चल पाता है कि गांव कहां है। किसी भी तरह के कोई साइन बोर्ड नहीं है। मॉडल रोड बनने से सड़क पर साइन बोर्ड लग जाएंगे। - सुमंत सिंह, सुनपेड़

    ग्रामीण क्षेत्र में आम सड़क पांच मीटर चौड़ी और माडल रोड सात मीटर चौड़ा होता है। माडल रोड के वर्म पक्के होते हैं। पानी निकासी के लिए नाले बनाए जाते हैं। फुटपाथ पक्का होता है। माडल रोड पर स्कूल, अस्पताल, क्रासिंग,ब्रेकर, नाले, रेलवे लाइन, किसी अन्य गांव के लिंक रोड के डारेक्शन बोर्ड रिफलेक्टर के लगाए जाते हैं। ताकि अंधेरे में भी चमकें। सड़क के दोनों तरफ हरित पट्टी विकसित की जाती है। सड़क की कुल चौड़ाई नौ मीटर हो जाती है। रोड सेफ्टी के नियम लागू होते हैं। - रवि इंद्र सिंह, उपमंडल अधिकारी पीडब्ल्यूडी

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