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फरीदाबाद नागरिक अस्पताल में हुआ चार करोड़ का काम, फिर भी उबड़-खाबड़ रास्तों से गुजर रहे मरीज

Published: Thu, 13 Aug 2026 04:23 AM (IST)

फरीदाबाद के जिला नागरिक अस्पताल में 4 करोड़ के जीर्णोद्धार के बावजूद इंटरलॉकिंग टाइलें उखड़ रही हैं और रास्ते जर्जर ...और पढ़ें

फरीदाबाद के जिला नागरिक अस्पताल में 4 करोड़ के जीर्णोद्धार के बावजूद इंटरलॉकिंग टाइलें उखड़ रही हैं। इमेज एआई

फरीदाबाद के जिला नागरिक अस्पताल में 4 करोड़ के जीर्णोद्धार के बावजूद इंटरलॉकिंग टाइलें उखड़ रही हैं। इमेज एआई

HighLights

  1. फरीदाबाद नागरिक अस्पताल में जीर्णोद्धार के बावजूद टाइलें उखड़ीं।

  2. जर्जर रास्तों से मरीज, खासकर दिव्यांग, परेशान हो रहे हैं।

  3. सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल, जांच का आश्वासन मिला।

अनिल बेताब, फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण का लगभग चार करोड़ रुपये का काम चल रहा है। नए काम हो रहे हैं। मगर हैरानी की बात है कि अस्पताल परिसर में पहले से जो रास्ते जर्जर हैं। उन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रवेश द्वार ही उबड़-खाबड़ है।

इतना ही नहीं, पिछले दिनों अस्पताल परिसर में लगाई गईं इंटरलाकिंग टाइलें ही उखड़ रही हैं। ऐसे में लोक निर्माण विभाग की ओर से किए जा रहे काम पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। लोग सामग्री की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जता रहे हैं। अस्पताल में प्रतिदिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में डाक्टर आते-जाते हैं। अस्पताल के नोडल अधिकारी(इमारत)के साथ ही सभी खामोश हैं।

जब जागरण पड़ताल की गई तो यह बात सामने आई कि आपातकालीन विभाग के सामने पहले पक्की सड़क थी। इसे उखाड़ कर इंटरलाकिंग टाइल्स लगा दी गईं थी। टाइलें भी उखड़ रही हैं। मरीजों और तीमारदारों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। दिव्यांगों और बुजुर्ग अधिक परेशान हैं।

अब इस मामले में रेफर मुक्त संघर्ष समिति के संयोजक सतीश चोपड़ा ने स्वास्थ्य मंत्री आरती राव और जिला उपायुक्त से शिकायत की है।

दिव्यांग अधिक परेशान

नागरिक अस्पताल में जब कभी मरीज आते हैं तो जर्जर रास्ते के कारण परेशानी झेलनी पड़ती है। प्रवेश द्वार की सड़क ही उजाड़ है। आगे चलें तो आपातकालीन विभाग के आसपास नई इंटरलाकिंग टाइलें ही उखड़ गई हैं। इसे लेकर तीमारदार रोष प्रकट कर रहे हैं। भारत कॉलोनी निवासी श्रीनिवासने बताया कि हीमोग्लोबिन कम होने के कारण उनकी माता कृष्णा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह अस्पताल में कई बार आते-जाते हैं। रास्ते जर्जर होने के कारण उन्हें परेशानी होती है।

नोडल अधिकारी ने नहीं की बात

अस्पताल के नोडल अधिकारी(इमारत)डॉ. महेश भाटी से बातचीत करने का प्रयास किया गया, मगर बातचीत नहीं हो पाई।

आपातकालीन विभाग के सामने बनी सड़क को उखाड़कर उसके ऊपर साधारण इंटरलाकिंग टाइल्स लगा दी गई हैं। टाइल्स की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए। सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। बनी बनाई अच्छी खासी सड़क को उखाड़ना और फिर टाइल्स लगाना सीधे-सीधे धन की हानि है।

वर्षा के बाद जगह-जगह से टाइल्स धंस गई हैं और गड्ढे बन गए हैं। घायल, चोटिल मरीज जब स्ट्रेचर पर होते हैं तो हर टाइल के जोड़ पर स्ट्रेचर उछलती है। मरीज को झटका लगता है और उसका दर्द कई गुना बढ़ जाता है। इस मामले में जांच की जानी चाहिए।

-सतीश चोपड़ा, संयोजक, फरीदाबाद रेफर मुक्त संघर्ष समिति।

अगर कहीं कोई कमी नजर आ रही है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। नोडल अधिकारी के साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारी से इस बारे में बातचीत की जाएगी। हम प्रयास करेंगे कि कोई भी रास्ता खराब न हो।
-डॉ. एमपी सिंह, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी अधिकारी।

नागरिक अस्पताल में चल रहा है काम

  • 1.80 करोड़, इंटरलाकिंग टाइल्स, शौचालय व जीर्णेाद्धार व अन्य कार्य।
  • 1.75 करोड़, फायर सेफ्टी सिस्टम।
  • 57 लाख, बागवानी।