ये कैसा सिस्टम! फरीदाबाद में अस्पताल के गेट पर चिल्लाती रही गर्भवती, सोता रहा स्टाफ; सड़क पर हुई डिलीवरी
फरीदाबाद के एक सरकारी अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लापरवाही के कारण एक महिला को अस्पताल के बंद गेट के बाहर सड़क पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा।
HighLights
फरीदाबाद अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही।
बंद गेट के बाहर सड़क पर महिला ने बच्चे को जन्म दिया।
मां और नवजात बेटा स्वस्थ, पुलिस कर रही मामले की जांच।
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। फरीदाबाद में सेक्टर-3 स्थित एक सरकारी अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। आधी रात के बाद 2:00 बजे अस्पताल के गेट बंद कर कर्मचारी सो गया।
इस दौरान बडोली गांव निवासी देवेंद्र अपनी पत्नी बलेश को लेकर अस्पताल के बाहर पहुंच गए। बलेश को प्रसव पीड़ा हो रही थी। काफी देर तक गेट बजाया गया लेकिन, कोई नहीं आया।
सड़क पर हुई डिलीवरी
उधर, उनकी पत्नी बलेश पीड़ा से चिल्ला रही थी। तभी वह सड़क पर लेट गई और डिलीवरी हो गई। उसने बेटे को जन्म दिया है। 20 मिनट बाद अस्पताल की नर्स आई और बलेश को अंदर लेकर गई।
112 पर पुलिस को दी सूचना
परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और आरोप लगाया कि रात होते ही चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी सो जाते हैं। इस मामले की सूचना डायल 112 पर भी दी गई।
वहीं, मौके पर पुलिस आई और मामले की जांच शुरू की। देवेंद्र की पत्नी बलेश और उसका बेटा स्वस्थ हैं। बलेश को पांच बेटियों के बाद बेटा हुआ है।
