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    27 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा हत्या का आरोपित, फाइल से धूल हटी तो फरीदाबाद रेलवे स्टेशन से हुआ गिरफ्तार

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 11:39 PM (IST)

    हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में 27 साल से फरार चल रहे आरोपित सुरेश सिंह को फरीदाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित 1999 के एक खूनी संघर्ष ...और पढ़ें

    हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में 27 साल से फरार चल रहे आरोपित सुरेश सिंह को फरीदाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

    हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में 27 साल से फरार चल रहे आरोपित सुरेश सिंह को फरीदाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 

    जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। हत्या और हत्या के प्रयास के मुकदमे का आरोपित पिछले 27 साल से पुलिस को चकमा देता रहा। अब जब पुराने मुकदमों में सालों से फरार चल रहे आरोपितों की तलाश के लिए अभियान शुरू हुआ तो उसे पकड़ा गया है। वह सालों तक जिले में आस-पास ही रहता रहा मगर पुलिस की नजर उस तक नहीं पड़ी। अदालत ने आरोपित को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

    पुलिस के अनुसार आरोपित की पहचान सुरेश सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के एटा जिले के गांव अमोघपुर भाटान का रहने वाला है। वर्तमान में वह सेक्टर-29 स्थित हाउसिंग बोर्ड कालोनी में रह रहा था।

    पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि वर्ष 1999 में मुजेसर थाना क्षेत्र में आपसी विवाद के दौरान हुए खूनी संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ था। इस मामले में सुरेश सिंह सहित अन्य के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया था।

    शुरुआत में कुछ साल पुलिस ने सुरेश सिंह की तलाश की लेकिन वह हाथ नहीं आया। इसके बाद फाइल नीचे दबती चली गई। तब मौजूद पुलिसकर्मियों के तबादले हो गए और सुरेश सिंह की फाइल पर धूल जम गई। अब जब पुराने मुकदमे खंगाले गए तो पता चला कि 27 साल से एक आराेपित फरार है।

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    आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर पीओ स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर समेर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने पुराने रिकार्ड खंगाले, तकनीकी इनपुट और स्थानीय खुफिया सूचनाओं के आधार पर आरोपित की गतिविधियों पर नजर रखी।

    मंगलवार को सूचना मिली कि वह फरीदाबाद रेलवे स्टेशन आने वाला है। इसके बाद टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती पूछताछ में उसने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के एक-दो साल तक वह दूर राज्यों में जाकर रहा था। इसके बाद वापस फरीदाबाद आ गया।

    यहीं पर ठिकाने बदल-बदलकर रहने लगा और नौकरी कर गुजारा करने लगा। पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपित से वारदात, फरारी के दौरान उसके ठिकानों, उसे शरण देने वालों और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर गहन पूछताछ कर रही है।

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