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फरीदाबाद में 1 सितंबर से लागू होगी नई प्रॉपर्टी टैक्स पॉलिसी, घर में दुकान चलाने वालों पर पड़ेगी डबल मार

Updated: Thu, 20 Aug 2026 05:21 PM (IST)

फरीदाबाद में 1 सितंबर से नई संपत्ति कर नीति लागू होगी, जिसके तहत बकाया कर 10 दिन में जमा न करने पर कलेक्टर रेट के हिसाब से बढ़ा हुआ टैक्स देना होगा।

नई पॉलिसी के तहत वसूला जाएगा प्रॉपर्टी टैक्स। फोटो: सांकेतिक

नई पॉलिसी के तहत वसूला जाएगा प्रॉपर्टी टैक्स। फोटो: सांकेतिक

HighLights

  1. 1 सितंबर से फरीदाबाद में नई संपत्ति कर नीति लागू होगी

  2. बकाया कर 10 दिन में जमा करें, वरना बढ़ेगा टैक्स

  3. मिश्रित उपयोग वाली संपत्तियों पर अब दोगुना कर लगेगा

दीपक पांडेय, फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी के लोगों ने अगर 10 दिन के भीतर अपना बकाया कर जमा नहीं किया तो उनको नई पॉलिसी के अनुसार कलेक्टर रेट के हिसाब से बढ़ा हुआ टैक्स देना होगा। इसके लिए निगम की ओर से तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

कराधान शाखा के कर्मचारी कलेक्टर रेट के हिसाब डाटा फीड करने में जुट गए है। हालाकि स्टाफ की कमी को देखते हुए डाटा इतने कम समय में फीड करना मुश्किल लग रहा है।

एक सितंबर से कलेक्टर रेट से वसूली 

एक सितंबर से निगम कलेक्टर रेट के हिसाब से प्रॉपर्टी टैक्स वसूल करेगा। निगम ने नई कर पॉलिसी को लेकर पार्षदों को किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी है। जबकि वह जनता से सीधा संपर्क में रहते हैं। उनसे तालमेल करके अधिक बकायेदारों का टैक्स जमा कराया जा सकता था।

शहरी स्थानीय निकाय की ओर से एक सितंबर से नई कर पॉलिसी लागू की जा रही है। जिसके तहत कई नए नियम भी लागू होंगे। पहले जहां लोगों को प्रॉपर्टी के प्रयोग के हिसाब से टैक्स देना होता था। वह कितने भूखंड में रहता है।

इसके आधार पर प्रॉपर्टी मालिक का टैक्स तैयार हाेता था। लेकिन अब कलेक्टर रेट के अनुसार टैक्स बनेगा। यानी अगर जवाहर कॉलोनी और पर्वतीय कॉलोनी में 100 गज के मकान है।

लेकिन दोनों कॉलोनी का कलेक्टर रेट अलग-अलग है। तो टैक्स भी अलग-अलग होगा। इसके साथ ही पॉलिसी भी टैक्स में अलग-अलग कैटेगिरी में नियम और शर्त लागू की गई है।

प्रॉपर्टी का मिक्स यूज करने पर देना होगा दोगुना टैक्स

प्रॉपर्टी का मिक्स यूज करने वाले लोगों को अब दोगुना संपत्ति कर देना पड़ेगा। इससे नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले करीब एक लाख से अधिक लोगों पर संपत्ति कर का दाेगुना बोझ पड़ेगा। क्योंकि अधिकतर लोगों ने रिहायशी क्षेत्र में अपना कारोबार किया हुआ है।

एनआईटी में अधिकतर कॉलोनियां और सेक्टर ऐसे है। जिनमें घरों में दुकानें या वर्कशाप डाली हुई है। शहरी स्थानीय निकाय की नई पॉलिसी के अनुसार रिहायशी क्षेत्र में रहने वाले लोग अपनी प्रॉपर्टी का मिक्स यूज कर रहे हैं।

जिन्होंने घर में ही दुकानें खोली हुई है। उनसे दोगुना संपत्ति कर वसूला जाएगा। जिन लोगों का सालाना कर 500 रुपये आ रहा था। उनसे अब संपत्ति कर एक हजार रुपये वसूला जाएगा।

इसके साथ ही एचएसवीपी के सेक्टरों में जिन लोगों ने नक्शे के अनुसार मकान में आगे और पीछे जगह नहीं छोड़ी है। उनको भी दोगुना कर चुकाना होगा।

कलेक्टर रेट के हिसाब से टैक्स वसूलने को लेकर तो नगर निगम की ओर से पार्षदों को कोई जानकारी नहीं दी गई है। अगर पार्षदों को पॉलिसी के बारे में बताया जाता है तो लोगों को जागरूक करने में मदद मिलती। जिससे अधिक से अधिक बकायेदार अपना टैक्स भरते।

- पवन यादव, पार्षद, वार्ड-40

नई कर पॉलिसी को लेकर मुझे किसी भी निगम अधिकारी की ओर से जानकारी नहीं दी गई है। जबकि इसको लेकर तो पार्षदों के साथ कराधान शाखा के अधिकारियों को बैठक करनी चाहिए थी। ताकि अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा सके।

- जसवंत पवार, पार्षद

अब कलेक्टर रेट के हिसाब से डाटा फीड करने का काम किया जा रहा है। एक सितंबर से नई कर पॉलिसी लागू हो जाएगी। लोगों के पास पुराना टैक्स जमा करने के लिए केवल 10 दिन का समय बचा है।

- विकास कन्हैया, क्षेत्रीय कर अधिकारी, नगर निगम

  • 7.80 लाख : कुल संपत्ति
  • 2.34 लाख : सत्यापित
  • 4.54 लाख : रिहायशी
  • 17 हजार : कमर्शियल
  • 1.41 लाख : खाली प्लाट
  • 42 हजार : संस्थान
  • 13 हजार : कृषि क्षेत्र
  • 01 लाख : मिक्स यूज

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