फरीदाबाद में सेक्सटॉर्शन गैंग का भंडाफोड़, फर्जी प्रोफाइल से फंसाकर करते थे ब्लैकमेल
फरीदाबाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को प्रेमजाल में फंसाने और ब्लैकमेल करने वाले सेक्सटॉर्शन गैंग का भंडाफोड़ किया है।

फर्जी प्रोफाइल बनाकर वीडियो कॉल से लोगों को ब्लैकमेल करते थे।
HighLights
फरीदाबाद पुलिस ने सेक्सटॉर्शन गैंग के तीन सदस्यों को पकड़ा।
फर्जी प्रोफाइल बनाकर वीडियो कॉल से लोगों को ब्लैकमेल करते थे।
पीड़ितों को बदनामी के डर से पैसे देने पड़ते थे।
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। इंटरनेट मीडिया पर खूबसूरत युवतियों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को प्रेमजाल में फंसाने और अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करने वाले सेक्सटार्शन गैंग का फरीदाबाद पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। साइबर थाना पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित लंबे समय से इस तरीके से लोगों को अपना शिकार बना रहे थे। लोकलाज और बदनामी के डर से अधिकांश पीड़ित पुलिस तक पहुंचते ही नहीं थे, जिससे गिरोह का नेटवर्क लगातार फैलता गया। पहले यह गिरोह राजस्थान में रहकर ठगी कर रहा था, मगर वहां दबिश बढ़ने के कारण इसने फरीदाबाद में बड़खल की जमाई कालोनी को ठिकाना बनाया। यहां पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर इन्हें धर दबोचा।
आरोपितों की पहचान आसिफ उर्फ भस्सू निवासी गांव कैथवाड़ा, जिला डीग (राजस्थान), फैजान और अमान निवासी जमाई कालोनी के रूप में हुई है।
पूछताछ में पता चला है कि आरोपित फर्जी सिम कार्ड के जरिए वाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लड़कियों के नाम से नकली अकाउंट बनाते थे। इन प्रोफाइल पर आकर्षक युवतियों की तस्वीरें लगाकर लोगों से दोस्ती करते और मीठी-मीठी बातें कर उनका विश्वास जीत लेते थे। इसके बाद वीडियो कॉल के दौरान पहले से रिकार्ड अश्लील वीडियो चलाकर सामने वाले को आपत्तिजनक स्थिति में आने के लिए उकसाते थे। पूरी बातचीत और वीडियो को स्क्रीन रिकार्डर से रिकार्ड कर लिया जाता था।
इसके बाद शुरू होता था ब्लैकमेल का खेल। आरोपित एडिट की गई वीडियो पीड़ित को भेजकर उसे इंटरनेट मीडिया, स्वजन और परिचितों के बीच वायरल करने तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते थे। बदनामी के डर से अधिकांश लोग उनकी मांग के अनुसार रुपये ट्रांसफर कर देते थे। ठगी की रकम फर्जी बैंक खातों में जमा कराई जाती थी।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से पांच मोबाइल और आठ फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं। जांच में लड़कियों के नाम से बनाए गए कई फर्जी इंटरनेट मीडिया अकाउंट और ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए बैंक खातों का भी पता चला है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और ठगी के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। साइबर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में बड़ी संख्या में पीड़ित बदनामी के डर से शिकायत दर्ज नहीं कराते।
यही कारण है कि सेक्सटार्शन गैंग लगातार लोगों को निशाना बनाते रहते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति की वीडियो काल या इंटरनेट मीडिया फ्रेंड रिक्वेस्ट पर भरोसा न करें। यदि कोई ब्लैकमेलिंग या सेक्सटार्शन का शिकार होता है तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए, ताकि समय रहते आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
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