मंत्री के आदेश भी बेअसर, ग्रेटर फरीदाबाद में अतिक्रमण का बोलबाला; 10 मिनट के सफर में लग रहे 30 मिनट
ग्रेटर फरीदाबाद में महाराणा प्रताप से भारत कालोनी तक की सड़क पर भारी अतिक्रमण से यातायात बाधित हो रहा है। ...और पढ़ें

HighLights
ग्रेटर फरीदाबाद में महाराणा प्रताप से भारत कालोनी तक सड़क पर अतिक्रमण।
अतिक्रमण के कारण 10 मिनट का सफर आधे घंटे में बदल जाता है।
मंत्री राजेश नागर के आदेशों के बावजूद अधिकारी अतिक्रमण हटाने में लापरवाह।
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। नगर निगम के अधिकारी अतिक्रमण हटाने को लेकर किस तरह से लापरवाह है। इसका अंदाजा ग्रेटर फरीदाबाद में महाराणा प्रताप से भारत कालोनी तक जाने वाली सड़क को देखकर लगाया जा सकता है।
सड़क के दोनोंं तरफ अतिक्रमण है। 10 मिनट के सफर में आधे घंटे लग जाते हैं। सुबह और शाम के समय काफी विकट स्थिति हो जाती है। इस चौक के बाद सड़क 10 मीटर चाैड़ी बनी है।
यानी सड़क भी चार लेन नहीं है और दुकानदारों व रेहड़ी वालों ने इसे घेरा हुआ है। जितनी सड़क की चौड़ाई बढ़ाई गई थी, उससे कहीं अधिक पर कब्जा जमा लिया गया है।
अतिक्रमण हटाने को लेकर खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर भी आदेश दे चुके हैं। लेकिन अधिकारियों को मंत्री के आदेश की भी परवाह नहीं है।
19 किलोमीटर बन रही है सड़क
मंझावली पुल परियोजना के लिए खेड़ी पुल से पुल तक 19 किलोमीटर सड़क चौड़ी की गई है। सबसे अधिक वाहनों का दबाव इसी सड़क पर रहता है। यह सड़क खेड़ी पुल से लेकर कई गांव से होते हुए पुल तक जाती है। अभी मंझावली पुल पर ग्रेटर नोएडा तक आवागमन शुरू नहीं है। जब शुरू हो जाएगा तो इस सड़क पर वाहनों का और दबाव बढ़ेगा। ऐसे में और अधिक लंबा जाम लगने की आशंका रहेगी।
सड़क सीधे खेड़ीपुल से जुड़ी हुई है। सड़क के आसपास गांव ही नहीं ग्रेटर फरीदाबाद की दर्जनभर से अधिक सोसायटी भी हैं। इन सोसायटी में हजारों परिवार रहते हैं जो इसी सड़क से आवागमन करते हैं और रोज जाम में फंसते हैं।
-अभय चंद्र झा
ऐसी सड़क चौड़ी करने का क्या फायदा। यहां अतिक्रमण की वजह से दिक्कत होती है। इस मामले पर नगर निगम को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और अतिक्रमण का सफाया करना चाहिए।
-अरुण कुमार
अतिक्रमण की वजह से शहर की सूरत ही खराब हो गई है। इस समय सबसे अधिक अतिक्रमण ग्रेटर फरीदाबाद में बढ़ रहा है। अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
- सीताराम कौशिक
आदेश के बावजूद भी अगर निगम की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई है तो संबंधित अधिकारियों से इसके बारे में जवाब मांगा जाएगा। किस वजह से यह अतिक्रमण नहीं हटाया गया।
-राजेश नागर, खाद्य आपूर्ति मंत्री
