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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ram Mandir: अब राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के नाम पर ऐसे हो रही ठगी, पुलिस ने की लोगों से सावधान रहने की अपील

    Updated: Mon, 15 Jan 2024 03:55 PM (IST)

    फरीदाबाद पुलिस ने साइबर सुरक्षा संबंधित ऐसी ही एक एडवाइजरी जारी की है। आमजन से अपील की गई है कि वह सोशल मीडिया पर आने वाले किसी प्रकार के लिंक आदि पर ...और पढ़ें

    अब राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के नाम पर ऐसे हो रही ठगी
    अब राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के नाम पर ऐसे हो रही ठगी

    जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। अगर आपके पास अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेने का कोई निमंत्रण देने के उद्देश्य से कोई लिंक आपके मोबाइल पर आ रहा है तो उस पर क्लिक न करें। ऐसा हो सकता है कि क्लिक करते हुए आपका बैंक खाता खाली हो जाए और आपकी जीवन भर की जमापूंजी साइबर ठगों के पास चली जाए।

    बड़ी संख्या में सक्रिय हुए ठग

    इसलिए सावधान रहें। फरीदाबाद पुलिस ने साइबर सुरक्षा संबंधित ऐसी ही एक एडवाइजरी जारी की है। आमजन से अपील की गई है कि वह सोशल मीडिया पर आने वाले किसी प्रकार के लिंक आदि पर क्लिक न करें। पुलिस आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि श्रीराम मंदिर के 22 जनवरी को शुभोत्सव को देखते हुए बड़ी संख्या में साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं।

    साइबर ठग लोगों को वाट्सएप, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, फेसबुक अकाउंट पर लिंक भेज रहे हैं। उसमें कहा जा रहा है कि मंदिर उद्धाटन के लिए वीआइपी पास प्राप्त करें। भेजा जा रहा एपीके फायल एक मैलवेयर है, जिसपर क्लिक करते ही लोगों के मोबाइल फोन, लैपटाप व अन्य इलेक्ट्रानिक्स डिवाइस को जालसाज रिमोट पर लेकर ठगी कर सकते हैं।

    डेटा चुराने के साथ उगाही आदि कर सकते हैं। पुलिस आयुक्त राकेश कुमार आर्य ने लोगाें से इस तरह के मैसेज पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि भेजे जा रहे एपीके फायल पर क्लिक नहीं करें और उसे तुरंत डिलीट कर दें।

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    छह दिन में पकड़े गए 11 जालसाज

    पुलिस प्रवक्ता ने एक अन्य जानकारी देते हुए बताया कि फरीदाबाद पुलिस ने छह दिन में 11 जालसाजों को गिरफ्तार कर ठगी के सात मामलों काे सुलझाया है। आरोपित पांच से 11 जनवरी के बीच जगह-जगह से काबू किए गए हैं। इनसे करीब 32 हजार रुपये बरामद किए गए हैं।

    साथ ही साइबर थाना सेंट्रल के तीन, साइबर थाना बल्लबगढ़ भी तीन और साइबर थाना एनआईटी ने एक मामले को सुलझाया गया है। इसके अलावा एक सप्ताह में करीब 170 शिकायतों का निपटारा करते हुए जालसाजों के बैंक खाते से करीब 40.30 लाख रुपये रिफंड कराए गए। जालसाजों के 617 फ्राड सिम कार्ड को भी बंद कराया गया है।

    साइबर ठगी होने पर यहां करें संपर्क

    पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, साइबर अपराध होने पर अपनी शिकायत साइबर हेल्पलाइन 1930 या https://cybercrime.gov.in पर दर्ज करवाएं। साइबर पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों के बैंक खातों को फ्रीज करके ठगी से प्राप्त की गई राशि वापस आपके बैंक खाते में ट्रांसफर करवा दी जाएगी। यदि कोई भी संस्था साइबर जागरूकता से सम्बंधित प्रोग्राम/प्रशिक्षण करवाना चाहता है तो सहायक पुलिस आयुक्त साइबर के मोबाइल नम्बर 9991252353 पर सम्पर्क करें।