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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana Election: ...जब रामबिलास शर्मा पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने ही किया था पथराव, CM ने फिर पुलिस को दिया ये आदेश

    Updated: Mon, 26 Aug 2024 04:03 PM (IST)

    Haryana Election 2024 2000 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर रामबिलास शर्मा को बल्लभगढ़ से चुनाव लड़ते समय कार्यकर्ताओं के भारी विरो ...और पढ़ें

    बल्लभगढ़ में रामबिलास शर्मा के नामांकन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं का विरोध। फोटो-पीटीआई
    बल्लभगढ़ में रामबिलास शर्मा के नामांकन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं का विरोध। फोटो-पीटीआई

    HighLights

    1. बल्लभगढ़ से चुनाव लड़ते समय पूर्व शिक्षा मंत्री का हुआ था विरोध।
    2. बल्लभगढ़ और महेंद्रगढ़ दोनों विधानसभा सीट से लिया था टिकट।

    सुभाष डागर, बल्लभगढ़। भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर रामबिलास शर्मा को विधानसभा चुनाव 2000 में बल्लभगढ़ से चुनाव लड़ते समय कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा था। यहां तक कि उनके काफिले पर पथराव हो गया था और पुलिस की मदद से उन्होंने नामांकन पत्र जमा किया था।

    2000 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और इनेलो का था गठबंधन

    प्रोफेसर रामबिलास शर्मा पार्टी के दो बार प्रदेश अध्यक्ष और पांच बार विधायक व मंत्री रह चुके हैं। उनकी परंपरागत सीट महेंद्रगढ़ रही है। वर्ष 2000 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और इनेलो का गठबंधन था। भाजपा के वरिष्ठ नेता रामबिलास शर्मा की महेंद्रगढ़ में स्थिति कुछ कमजोर थी। इसलिए उन्होंने सुरक्षित सीट के रूप में बल्लभगढ़ को चुना।

    बल्लभगढ़ से तब भाजपा के विधायक आनंद शर्मा थे। रामबिलास शर्मा ने अपनी वरिष्ठता का लाभ उठाकर बल्लभगढ़ और महेंद्रगढ़ दोनों विधानसभा क्षेत्र से टिकट ले लिया। इस बात से भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं में काफी रोष था।

    प्रदेश के कमान ओमप्रकाश चौटाला के हाथ

    जब वे विधानसभा क्षेत्र के गांधी भवन स्थित पंजीयन एवं निर्वाचन अधिकारी एसडीएम कार्यालय में नामांकन पत्र जमा कराने के लिए आए तो तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को गांधी भवन में नहीं घुसने दिया। जब वे वापस विश्राम गृह जाने लगे तो फिर लोगों ने उनके काफिले पर पथराव कर दिया। तब प्रदेश के मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला थे।

    2000 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन होने के कारण मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षक को तुरंत पुलिस बल मुहैया कराकर रामबिलास शर्मा का नामांकन पत्र जमा कराने के लिए कहा। जब पुलिस की पूरी व्यवस्था हो गई तो भी कार्यकर्ताओं ने विरोध करने की कोशिश की और पथराव किया। इस बार पुलिस को भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठी भांजनी पड़ी।

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