यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पशुओं को अब बेसहारा छोड़ने वाले हो जाएं सावधान, मालिक को जानी पड़ सकती है जेल
फरीदाबाद के पशु पालकों के लिए जरूरी खबर है। दूध निकालकर पशुओं को बेसहारा की तरह सड़क पर छोड़ना अब महंगा पड़ सकता है। सीएम नायब सिंह सैनी के आदेश पर नग ...और पढ़ें

HighLights
- नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से जारी किया गया आदेश।
- अभी तक कई हादसों का कारण बन चुके है ये पशु।
दीपक पांडेय, फरीदाबाद। दूध निकालकर सड़क पर अपने पशुओं को बेसहारा छोड़ने वाले मालिकों को अब नगर निगम केवल जुर्माने लेकर नहीं छोड़ेगा। बल्कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) के आदेश पर नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी ने इस बाबत पत्र जारी कर दिया है।
वहीं सड़क पर घूमने वाले इन बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए पांच टीम भी बनाई गई है। जो अलग-अलग जोन में जाकर बेसहारा पशुओं को पकड़ने का काम करेगी। जो भी मालिक अपने पशुओं को निगम से छुडाने के लिए आएगा। उससे ना केवल पांच हजार रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा। बल्कि उस पर मुकदमा भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने हाल में ही प्रदेश भर के निगम आयुक्तों की बैठक ली थी। जिसमें स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट और सड़क से बेसहारा पशुओं को हटाने को लेकर आदेश जारी किए गए थे। इसमें सीएम ने कहा कि बेहसहारा पशुओं को सड़क पर छोड़ने वाले उनके मालिकों पर नगर निगम की ओर से ठोस कार्रवाई की जाएगी।
दूध निकालकर सड़क पर छोड़ दिए जाते हैं पशु
डेयरी का काम करने वाले लोग अपने पशुओं का दूध निकालकर उनको बाहर छोड़ देते हैं। सड़क पर घूमने वाले पशुओं में वह भी शामिल होते है जो दूध देना बंद कर देते हैं। ऐसे में इन पशुओं को भी सड़क पर छोड़ दिया जाता है। यह पशु न सिर्फ सड़क पर फैले हुए कचरे में मुंह मारकर गंदगी फैलाते हैं, बल्कि दूसरों के लिए हादसे का सबब बन जाते हैं।
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सेक्टर-सात सीही गेट रोड पर घूमते बेसहारा पशु। जागरण
सड़क पर घूमने वाले इन पशुओं की वजह से कई घरों के दीपक बुझ सके हैं। दिनभर बाहर घूमने के बाद इन पशुओं को मालिक शाम के समय अपने घर ले जाते हैं। यह पशु ना केवल शहर की अंदरूनी सड़कों पर बल्कि नेशनल हाईवे तक भी पहुंच गए हैं। बल्कि अभी तक इन पशु मालिकों से केवल जुर्माना लेने का ही प्रविधान था, लेकिन अब एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
गौशाला में भी कम पड़ी रही जगह
सड़क पर घूमने वाले बेसहारा पशुओं की संख्या इतनी अधिक हो गई है कि इनके लिए अब गौशाला में भी जगह कम पड़ गई है। गांव मवई में स्थित शहर की सबसे बड़ी गोपाल गोशाला में करीब 1200 गायों को रखने की व्यवस्था हैं। लेकिन यहां जगह का अभाव होने के बावजूद करीब दो हजार गोवंश को रखा गया है।
ऊंचा गांव में स्थित गौशाला में 200 गाय को रखने की जगह है, लेकिन यहां पर 500 गाय को रखा गया है। इसी तरह से शहर की अन्य गौशाला में मजबूरी की वजह से तय क्षमता से अधिक पशु रखे गए हैं।