यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सूरजकुंड मेले में इस बार दो राज्यों की सांस्कृतिक धरोहर का संगम, थीम स्टेट को मिलेंगी 80 हट्स
Surajkund International Crafts Mela 38वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में मध्य प्रदेश और ओडिशा थीम स्टेट के रूप में अपनी सांस्कृतिक समृद्धि ...और पढ़ें

HighLights
- इस बार सात से 23 फरवरी तक लगने वाले मेले में मध्य प्रदेश और ओडिशा हैं थीम स्टेट।
- थीम स्टेट के शिल्पियों को अलाट की जाएंगी हट्स।
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। Surajkund Mela 2025: सात से 23 फरवरी तक लगने वाले 38वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में वीआईपी गेट के पास थीम स्टेट मध्य प्रदेश और ओड़िशा का पवेलियन बनाया जाएगा।
इन दाेनों राज्यों के पवेलियन में देश-विदेश के पर्यटक वहां की सांस्कृतिक समृद्धि का नजारा कर पाएंगे। प्रत्येक थीम स्टेट को 40-40 हटस अलाट की जाएंगी। यह हटस थीम स्टेट की ओर से शिल्पियों काे उपलब्ध कराई जाएंगी।
हरियाणा पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ हुआ विचार विमर्श
मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग की टीम ने बुधवार शाम जब सूरजकुंड मेला परिसर का दौरा किया तो इस दौरान हरियाणा पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया गया।
इसके बाद थीम स्टेट पवेलियन की जगह तय की गई। वीआईपी गेट के पास ही मुख्य चौपाल है। इस चौपाल पर ही मेले के शुभारंभ से लेकर समापन तक प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम (Surajkund Crafts Mela) होते हैं।
1987 में पहली बार दो राज्यों को थीम स्टेट के रूप में जोड़ा गया
इन कार्यक्रमों में दोनों प्रदेशों के कलाकार अपनी प्रस्तुति से रंग जमाएंगे। वर्ष 1987 से शुरू हुए मेले में पहली बार दो राज्यों को थीम स्टेट के रूप में जोड़ा गया है। सांस्कृतिक पार्टनर के रूप में पूर्वाेत्तर में शामिल असम, अरुणाचल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम की मेले में भागीदारी रहेगी।
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सात देशों के एक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग संगठन बिम्सटेक को प्रमुख रूप से पहले ही जोड़ा है। इसमें बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड सदस्य हैं। पहले मेले से पार्टनर कंट्री के रूप में एक देश को जोड़ा जाता था।
सूरजकुंड के नोडल अधिकारी ने मेले को लेकर दी ये जानकारी
हमने ओडिशा और मध्य प्रदेश को थीम स्टेट के रूप में जोड़ा है। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत हो चुकी है। जल्दी ही ओडिशा की टीम भी आने वाली है। दोनों प्रदेशों की शिल्प कला और सांस्कृतिक समृद्धि से अलग पहचान है। ऐसे में इस बार का मेला पिछली वर्षाें की अपेक्षा अधिक सुंदर और विस्तृत होगा।_यूएस भारद्वाज, नोडल अधिकारी, सूरजकुंड मेला।
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| कलाकार | शिल्पी | प्रदेश व देश |
| 200 | 40 | मध्य प्रदेश |
| 200 | 40 | ओडिशा |
| 300 | 60 | पूर्वोेत्तर राज्य |
| 100 | 40-60 | बिम्सटेक |