बल्लभगढ़ की भगत सिंह कॉलोनी में बेसहारा पशुओं का आतंक, बढ़ रहीं दुर्घटनाएं
बल्लभगढ़ की भगत सिंह कॉलोनी में बेसहारा पशुओं के आतंक से लोग परेशान हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोग घायल हो रहे हैं। निवासियों की कई शिकायतों के बावजूद नगर निगम द्वारा अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

बल्लभगढ़ की भगत सिंह कॉलोनी में बेसहारा पशुओं के आतंक से लोग परेशान हैं।
HighLights
भगत सिंह कॉलोनी में बेसहारा पशुओं से लोग परेशान।
पशुओं के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं, लोग घायल।
निगम अधिकारियों ने शिकायतों पर नहीं की कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, बल्लभगढ़। भगत सिंह कालोनी शहर की पाश कालाेनियों में गिनी जाती है। यहां पर अक्सर बेसहारा पशु गलियों और सड़क पर घूमते रहते हैं। कई बार यह बुजुर्गों-बच्चों पर हमला कर देते हैं। निगम अधिकारियों से इनके बारे में कई बार शिकायत की है, लेकिन अभी तक समस्या का कोई समाधान होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। भगत सिंह पूर्वी चावला कॉलोनी और सेक्टर-तीन के नजदीक बसी हुई है। यहां पर ज्यादातर व्यवसायी व नौकरी करने वाले लोग रहते हैं।
कॉलोनी में पूरे दिन बेसहारा पशु घूमते रहते हैं। इन पशुओं में प्रमुख रूप से गोवंशी हैं। यह अक्सर सड़क और गलियों में झुंड के रूप में बैठे हुए देखे जा सकते हैं। इनके बैठे होने से दो पहिया वाहन पर भी निकलना मुश्किल होता है। कई बार दो पहिया वाहन चालकों को यह चोट मारकर भी घायल कर देते हैं।
पिछले दिनों पूर्व विधायक शारदा राठौर के कार के चालक बाइक पर जा रहे थे। इन बेसहारा पशुओं के चलते उनकी बाइक क्षतिग्रस्त हो गई और चालक चोटिल हो गए। उन्हें घायल होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस तरह कई लोगों को यह बेसहारा पशु ने टक्कर मार कर हाथ-पैर तोड़ दिए हैं। निगम अधिकारियों को कालोनी की आरडब्ल्यूए ने कई बार शिकायत दी है, लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं हुआ।
नगर निगम सिर्फ शिकायत लेता है और कुछ भी नहीं करता। बेसहारा पशुओं को गलियों में घूमने से रोकने के लिए आरडब्ल्यूए की तरफ से शिकायत दी थी, लेकिन निगम अधिकारियों ने अभी तक कोई सुनवाई नहीं की। अभी भी पूरे दिन झुंड़ बनाकर गलियों और सड़कों पर घूमते हुए देखे जा सकते हैं।
-चौधरी कोमल सिंह, उपप्रधान आरडब्ल्यूए भगत सिंह कालोनीजब भी अधिकारियों से कचरा के ढेर या बेसहारा पशुओं के बारे में कोई शिकायत करते हैं तो वह एक ही जवाब देते हैं कि कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद ही कुछ किया जा सकता है। इस तरह की गंभीर समस्याओं के प्रति भी निगम अधिकारी कोई ध्यान नहीं रहे हैं। जबकि यह आम व्यक्ति से जुड़ी हुई हैं।
-चौधरी सत्यवान सिंह, संयुक्त सचिव आरडब्ल्यूएबेसहारा पशुओं के बारे में एमओएच तो कुछ करते नहीं। यह कार्य एमओएच का है। एक बार कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो जाए तो अपने कर्मचारियों की टीम बनाकर इन बेसहारा पशुओं को पकड़वाएंगे। ताकि लोेगों को किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।
-करण सिंह भगोरिया, संयुक्त आयुक्त नगर निगम जोन बल्लभगढ़
