राखी बांधकर लौटती बहनों को घर पहुंचने में छूटे पसीने, बसों की कमी से महिलाएं हुईं परेशान
फतेहाबाद में रक्षाबंधन पर मायके से लौट रही महिलाओं को सिरसा रूट पर बसों की कमी के कारण घर पहुंचने में परेशानी हुई।

फतेहाबाद में रक्षाबंधन पर बसों की कमी से महिलाएं परेशान।
HighLights
रक्षाबंधन पर सिरसा रूट पर बसों की कमी से महिलाएं परेशान।
यात्रियों को लंबे इंतजार और भीड़भाड़ का सामना करना पड़ा।
त्योहार पर बाजारों में 1.10 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।
जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। भाई की कलाई पर राखी बांधकर मायके से लौटने की खुशी लेकर निकलीं बहनों को शुक्रवार शाम घर पहुंचने में पसीने छूट गए। रक्षाबंधन पर प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं और बच्चों के लिए बसों में निशुल्क सफर की सुविधा दी गई थी, लेकिन शाम होते-होते सिरसा रूट पर बसों की संख्या कम पड़ गई।
बस स्टैंड पर यात्री आधे घंटे से एक घंटे तक बस का इंतजार करते रहे। कई यात्रियों को भीड़ के कारण बस में जगह नहीं मिली तो अगली बस का इंतजार करना पड़ा। गांवों की ओर जाने वाले यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई, क्योंकि कई निजी बसें भी त्योहार के कारण कम चलीं।
ऐसे में लोगों को ऑटो और ई-रिक्शा का सहारा लेना पड़ा। हिसार-सिरसा रूट पर गांव धांगड़, बड़ोपल, खाराखेड़ी आदि गांवों में बस तक नहीं रूकी। ऐसे में महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रक्षाबंधन को लेकर फतेहाबाद के पुराने और नए बस स्टैंड पर सुबह से ही यात्रियों की आवाजाही बढ़ी रही। सबसे अधिक भीड़ पुराने बस स्टैंड पर देखने को मिली। महिलाओं को शहर के बीच से ही बसें उपलब्ध करवाने के लिए बसों को पुराने मार्ग से निकाला गया।
पुराने बस स्टैंड से नए बस स्टैंड तक यात्रियों को पहुंचाने के लिए पांच विशेष बसें भी चलाई गईं। हिसार और सिरसा रूट पर अतिरिक्त फेरे लगाए गए, ताकि बाहर से आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी न हो। इसके बावजूद शाम के समय सिरसा जाने वाली बसों का अंतर बढ़ गया।
गांव जाने वालों को ऑटो-ई-रिक्शा का सहारा
रक्षाबंधन पर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। जिले में गांवों की ओर निजी बस सेवा अधिक होने के कारण त्योहार पर बसों के फेरे कम रहे।
इसके चलते बस स्टैंड पहुंचने वाले यात्रियों को गांव जाने के लिए ऑटो या ई-रिक्शा का सहारा लेना पड़ा। यात्रियों का कहना था कि सरकार ने निश्शुल्क बस यात्रा की सुविधा तो दी, लेकिन गांव तक पहुंचने के लिए पर्याप्त साधन नहीं मिलने से परेशानी हुई।
सुनसान बाजारों में लौटी रौनक, 1.10 करोड़ का कारोबार
रक्षाबंधन ने पिछले कई दिनों से सुस्त पड़े बाजारों में भी रौनक लौटा दी। राखी और मिठाई की दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ रही। जिले में इस बार करीब 50 लाख रुपये की राखियों का कारोबार हुआ, जो पिछले साल से करीब पांच लाख रुपये अधिक है। वहीं करीब 60 लाख रुपये की मिठाई की बिक्री हुई। कई दुकानों पर शाम तक मिठाई की कई किस्में खत्म हो गईं। फलों में सेब और केले की मांग अधिक रही।
हालांकि, त्योहार के दिन अधिकांश सामान्य दुकानें बंद रहीं। मुख्य बाजार में राखी और मिठाई की दुकानों पर ही अधिक चहल-पहल दिखाई दी। दुकानदारों ने बताया कि रक्षाबंधन पर राखी, मिठाई व कपड़ों की खरीदारी के कारण कारोबार में अच्छा उछाल आता है।
पिछले कुछ सालों में रक्षाबंधन के दिन रोडवेज की कमाई
2022 : 5 लाख
2023 : 4 लाख
2024 : 3 लाख
2025 : 7 लाख
2026 : 8 लाख
रूटीन में रोडवेज को प्रतिदिन होती है कमाई करीब 12 लाख
सवारियों को किसी प्रकार की दिक्कत न आए इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। हर दिन की अपेक्षा दो दिनों में भीड़ भी अधिक रही, हमारे पास किसी प्रकार की शिकायत नहीं आई है। -मनोज शर्मा, महाप्रबंधक रोडवेज विभाग।
