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गुरुग्राम में सरकारी बैंककर्मियों का प्रदर्शन, पांच दिन बैंकिंग समेत कई मांगों को लेकर हड़ताल; कामकाज ठप

Published: Fri, 11 Sep 2026 12:20 PM (IST)

बैंककर्मियों ने गुरुग्राम में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था और अन्य मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल की, जिससे बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुईं।

सरकारी बैंककर्मियों की हड़ताल।

सरकारी बैंककर्मियों की हड़ताल।

HighLights

  1. गुरुग्राम में बैंककर्मियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग की।

  2. हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं और ओल्ड ज्यूडिशियल कॉम्प्लेक्स के पास यातायात प्रभावित हुआ।

  3. मांगें न मानने पर यूनियनों ने भविष्य में और हड़तालों की चेतावनी दी।

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को देशव्यापी बैंक हड़ताल का असर गुरुग्राम में भी दिखाई दिया।

बैंककर्मियों ने ओल्ड ज्यूडिशियल कॉम्प्लेक्स स्थित पंजाब नेशनल बैंक के सामने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।

प्रदर्शन के कारण बैंक के आसपास कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। बैंक शाखा का कामकाज प्रभावित होने से जरूरी बैंकिंग कार्य के लिए पहुंचे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सरकारी बैंक के कर्मचारी ले रहे हड़ताल में हिस्सा

बैंक कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर हुई इस हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों ने भाग लिया।

यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने में हो रही देरी, संशोधित परफार्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव योजना से जुड़े विवाद और अन्य लंबित मांगों को लेकर हड़ताल का आह्वान किया है।

यूनियनों का कहना है कि पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था को लेकर पहले सहमति बनने के बावजूद इसे अब तक लागू नहीं किया गया है।

बैंक यूनियनों की सबसे प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की है। इसके अलावा कर्मचारी संशोधित पीएलआइ व्यवस्था को लेकर भी विरोध जता रहे हैं।

यूनियनों का क्या है आरोप?

यूनियनों का आरोप है कि नई व्यवस्था में असमानता है और इसे लेकर कर्मचारियों से पर्याप्त संवाद नहीं किया गया। साथ ही पेंशन अपडेट, समान डीए, पर्याप्त नई भर्ती, एनपीएस से ओपीएस में बदलाव, ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने और सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़ी अन्य मांगों को भी उठाया गया है।

बैंककर्मियों का कहना है कि कर्मचारियों से लगातार अधिक काम लिया जा रहा है, जबकि लंबे समय से लंबित मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा। उनका कहना है कि सरकार और बैंक प्रबंधन को कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान निकालना चाहिए।

राजेश कुमार, हरकेश और अमरेश ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांग है।

पीएलआई और पेंशन से जुड़े मुद्दों का भी समाधान होना चाहिए। सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाकर जल्द निर्णय लेना चाहिए, ताकि बार-बार आंदोलन की स्थिति न बने।

प्रदर्शन से यातायात प्रभावित

ओल्ड ज्यूडिशियल कॉम्प्लेक्स में बैंक के सामने कर्मचारियों के एकत्र होने से आसपास के मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। प्रदर्शन के दौरान मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को धीमी गति से निकलना पड़ा।

बैंक के बाहर कर्मचारियों की भीड़ के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर दबाव बढ़ गया। हड़ताल के कारण शाखा में नकद जमा-निकासी, चेक संबंधी काम, केवाईसी, ऋण प्रक्रिया और अन्य काउंटर सेवाएं प्रभावित रहीं।

कई लोग बैंक पहुंचने के बाद वापस लौटे। मांगों का समाधान नहीं होने पर बैंक यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।

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