गुरुग्राम में अब बिट्टू तबाही ने उठाई झाड़ू, 2700 सफाईकर्मी लौटे; फिर भी सड़क किनारे कूड़े के ढेर
सुरेंद्र सिंह चौधरी (बिट्टू तबाही) ने अपनी टीम के साथ गुरुग्राम के खेड़कीदौला में कूड़े की सफाई का अभियान चलाया। ...और पढ़ें

सुरेंद्र सिंह चौधरी (बिट्टू तबाही) अपनी टीम के साथ गुुरुग्राम के खेड़कीदौला में दिल्ली-जयपुर हाईवे किनारे सर्विस लेन के समीप पड़े कूड़े की सफाई करते हुए।
HighLights
बिट्टू तबाही ने गुरुग्राम के खेड़कीदौला में सफाई अभियान चलाया।
करीब 40-50 युवाओं ने दिल्ली-जयपुर हाईवे किनारे कूड़ा साफ किया।
सफाईकर्मियों की वापसी के बाद भी गुरुग्राम में कूड़े के ढेर मौजूद।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। मध्य प्रदेश में नदी और जलस्रोतों की सफाई के लिए अभियान चलाने वाले सुरेंद्र सिंह चौधरी (बिट्टू तबाही) सोमवार को गुरुग्राम पहुंचे। उन्होंने अपनी टीम के साथ गुुरुग्राम के खेड़कीदौला में दिल्ली-जयपुर हाईवे किनारे सर्विस लेन के पास पड़े कूड़े की सफाई की। अभियान में करीब 40 से 50 युवा शामिल हुए।
जल्द ही यमुना नदी की करेंगे सफाई
गुरुग्राम में सफाई अभियान चलाने के सवाल पर बिट्टू तबाही ने कहा कि उनका उद्देश्य सफाई की मुहिम को देश के हर शहर तक पहुंचाना है। इसी कड़ी में गुरुग्राम में अभियान चलाया गया। उन्होंने दिल्ली में यमुना नदी की सफाई को लेकर भी अभियान चलाने की बात कही।
कई सड़कों के किनारे अब भी कूड़े के ढेर
बिट्टू तबाही के झाड़ू उठाने के बीच गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था की तस्वीर भी सामने आई। नगर निगम के करीब 2700 सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हुए 11 दिन बीत चुके हैं, लेकिन शहर की कई सड़कों के किनारे अब भी कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं। मंगलवार को उमंग भारद्वाज चौक, पटौदी रोड, जैकबपुरा और सेक्टर सात एक्सटेंशन में सड़क किनारे कूड़ा पड़ा मिला।

90 एएसआई फील्ड में, फिर भी कूड़े के ढेर
नगर निगम की सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए करीब 90 एएसआई फील्ड में हैं। दो सफाई विशेषज्ञ भी हैं, जो पहले इकोग्रीन कंपनी से जुड़े थे और अब उन्हें एसआई का प्रभार दिया गया है। एक स्थायी एसएसआई को कोई प्रभार नहीं दिया गया है। वहीं एसआई के नए पद सृजित नहीं किए गए हैं। इससे सफाई व्यवस्था की निगरानी और कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।
2023 में एक भी जीवीपी नहीं, अब 180 से ज्यादा
शहर में गारबेज वर्नेबल प्वाइंट (जीवीपी) भी तेजी से बढ़े हैं। वर्ष 2023 में शहर में एक भी जीवीपी नहीं था, जबकि अब इनकी संख्या 180 से अधिक हो गई है।
हर काम की अलग एजेंसी, फिर भी सफाई बेअसर
जीवीपी की सफाई का काम बालाजी इंजीनियरिंग एंड कंसल्टेंट और पेस्टेक सोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। मैकेनिकल रोड स्वीपिंग के लिए जेके और राधाकृष्ण एजेंसी काम कर रही हैं।
बंधवाड़ी तक कूड़ा पहुंचाने के लिए कादियान कंस्ट्रक्शन, वीएस वेस्ट, एसवीएन और एमिटेक को जिम्मेदारी दी गई है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए भी छह एजेंसियां लगी हैं।
संयुक्त आयुक्त डाॅ. प्रीतपाल सिंह ने कहा कि सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए फील्ड में टीम लगाई गई है। जिन क्षेत्रों में ज्यादा समस्या है, वहां अतिरिक्त मैनपावर लगाकर सफाई कराई जाएगी।
