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दिल्ली अग्निकांड: 2 साल पहले ही गुरुग्राम आए थे CA विवेक अग्रवाल, सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर लेते थे हिस्सा

Published: Fri, 05 Jun 2026 02:23 AM (GMT+05:30)

गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी सीए विवेक अग्रवाल की दिल्ली अग्निकांड में दुखद मृत्यु हो गई। उनकी मौत ने गुरुग्राम में ...और पढ़ें

सेक्टर 46 में विवेक अग्रवाल का घर। जागरण

सेक्टर 46 में विवेक अग्रवाल का घर। जागरण

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संक्षेप में पढ़ें

आदित्य राज, गुरुग्राम। गुरुग्राम में सेक्टर-46 निवासी सीए विवेक अग्रवाल दो साल पहले ही गुरुग्राम में आए थे। इससे पहले वह दिल्ली में और उससे पहले नोएडा में रहते थे। साइबर सिटी की चमक उन्हें पसंद थी। वह बिजनेस सहित सभी स्तर पर साइबर सिटी को बेहतर मानते थे।

गुरुग्राम में आने के साथ ही उन्होंने समाज में अच्छी जगह बना ली थी। इस वजह से जब भी चार्टर्ड एकाउंटेंट की सेवा चाहिए होती थी, सामाजिक संगठनों के लोग उन्हें याद कर लेते थे।

उन्होंने कभी भी किसी से सेवा के बदले पैसे नहीं लिए। कहा करते थे कि भगवान ने बहुत दे रखा है। यदि समाज के लिए कुछ काम आ सकूं तो इससे बेहतर जीवन में क्या हाेगा। वह कहते थे कि हर किसी को अपनी कमाई का कुछ अंश समाज के लिए देना चाहिए। यदि आर्थिक मदद नहीं कर सकते तो किसी न किसी माध्यम से सेवा कर सहयोग करना चाहिए।

सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर निभाते थे भूमिका

अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे काफी लोग सीए विवेक अग्रवाल के मिलनसार स्वभाव व सामाजिक योगदान के बारे में चर्चा करते दिखे। सेक्टर-46 सेवा संघर्ष समिति के अध्यक्ष विनोद ठाकरान ने बताया कि विवेक एक मल्टीनेशनल कंपनी में सीए थे। काफी व्यस्त रहने के बाद भी वह सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भूमिका निभाते थे। खासकर सीए से संंबंधित कार्य करते थे।

उन्होंने कभी भी पैसे नहीं मांंगे। बहुत ही मिलनसार प्रवृति के थे। ऐसे व्यक्ति के साथ ऐसा क्यों हुआ, समझ में नहीं आ रहा है। भगवान सभी की आत्मा को शांति दे। वह प्रतिदिन अपने पिता को देखने के लिए दिल्ली जाते थे। पूरा परिवार मिलनसार स्वभाव का था। इस हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे पर कुछ शब्द ही निकल रहे हैं।

आज हर तरफ पसरा हुआ है मातम

स्थानीय निवासी अतुल बजाज कहते हैं कि साइबर सिटी में भी ऐसा हादसा हो सकता है। हजारों अवैध होटल, गेस्ट हाउस व पीजी चल रहे हैं। कोई देखने वाला नहीं है। विवेक अग्रवाल सहित सभी लोगों की मौत के लिए व्यवस्था जिम्मेदार है। समय रहते यदि ध्यान नहीं दिया गया तो ऐसे हादसे होते रहेंगे। जिस मकान में हर पल खुशियां ही खुशियां थीं, आज हर तरफ मातम पसरा हुआ है।

इसके लिए व्यवस्था जिम्मेदार है। आज हर कोई डरा हुआ है। सभी अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कभी न कभी किसी को होटल, गेस्ट हाउस या पीजी में ठहरना पड़ता ही है। कैसे कोई होटल, गेस्ट हाउस या पीजी में चैन की नींद ले पाएगा। यह घटना व्यवस्था के ऊपर बहुत बड़ा सवाल है?

शहर में दिन भर चलती रही चर्चा

बृहस्पतिवार को शहर में हर जगह लोग एक वंश के समाप्त होने की चर्चा करते रहे। चाय की दुकानों पर भी यही चर्चा चलती रही। सभी व्यवस्था को कोसते दिखे। लोगों का कहना है कि इस घटना के बाद प्रशासन को चेत जाना चाहिए। मेदांता के सामने व आसपास के इलाकों में सैकड़ों गेस्ट हाउस एवं पीजी बने हुए हैं।

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सेक्टर-40 निवासी राकेश वर्मा एवं नरेंद्र कुमार का कहना है कि पैसे कमाने के चक्कर में लोगों को कुछ नहीं दिख रहा है। संवेदना खत्म होती जा रही है। यदि ऐसा न होता तो आज एक वंश समाप्त नहीं होता। सभी अवैध होटल, गेस्ट हाउस एवं पीजी पर तत्काल प्रभाव से ताला लगाना चाहिए। विदेशी भी आकर इसमें ठहरते हैं। आज पूरी दुनिया में देश के बारे में कितना गलत संदेश गया।

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