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    दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे पर कंक्रीट रेलिंग का फैसला, चोरी और अवैध कट पर लगेगी रोक

    Updated: Thu, 12 Mar 2026 08:51 PM (IST)

    दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर लोहे की रेलिंग को कंक्रीट से बदलने का काम अगले महीने शुरू होगा। यह कदम चोरी रोकने, अवैध रास्तों पर अंकुश लगाने और दुर् ...और पढ़ें

    दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर लोहे की रेलिंग को कंक्रीट से बदलने का काम अगले महीने शुरू होगा। इमेज एआई

    दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर लोहे की रेलिंग को कंक्रीट से बदलने का काम अगले महीने शुरू होगा। इमेज एआई

    आदित्य राज, गुरुग्राम। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ लोहे की रेलिंग को कंक्रीट की रेलिंग से बदलने का काम अगले महीने शुरू हो जाएगा। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। सबसे पहले उन जगहों पर रेलिंग लगाई जाएंगी, जहां वे पूरी तरह से गायब हैं।

    रेलिंग न होने से लगातार एक्सीडेंट का खतरा बना रहता है और लोग कहीं से भी एक्सप्रेसवे पर आ-जा सकते हैं। कंक्रीट की रेलिंग लगाने के दो मुख्य कारण हैं। पहला यह कि उन्हें तोड़कर एक्सप्रेसवे पर अवैध रास्ता बनाना आसान नहीं होगा और दूसरा यह कि कंक्रीट की रेलिंग चोरी नहीं होगी। अलग-अलग जगहों पर लोहे की रेलिंग गायब होना साफ तौर पर चोरी की ओर इशारा करता है।

    धौला कुआं के पास खेड़की दौला टोल प्लाजा से दिल्ली-जयपुर हाईवे का हिस्सा एक्सप्रेसवे है। सिरहौल बॉर्डर से धौला कुआं तक का हिस्सा दिल्ली में आता है। सिरहौल बॉर्डर से खेड़की दौला टोल प्लाजा तक का हिस्सा गुरुग्राम में आता है। दोनों तरफ की रेलिंग की हालत खराब है, लेकिन गुरुग्राम इलाके में हालात खास तौर पर खराब हैं।

    गुरुग्राम में 30 से ज़्यादा रेलिंग टूटी हुई हैं। कई जगहों पर तो रेलिंग ऐसे टूटी हैं जैसे कभी लगी ही न हों। इसे देखते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) ने लोहे की रेलिंग की जगह कंक्रीट की रेलिंग लगाने का फ़ैसला किया है। लोहे की रेलिंग ज़्यादा दबाव में टूट जाती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए कंक्रीट की रेलिंग भी बनाई जाएगी।

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    रेलिंग के साथ एंट्री और एग्जिट की भी होगी मरम्मत

    एक्सप्रेसवे के ज्यादातर एंट्री और एग्ज़िट पॉइंट अच्छी हालत में नहीं हैं। कुछ तो इतने चौड़े हैं कि रॉन्ग साइड से आने वाले वाहन आसानी से निकल सकते हैं। इसे देखते हुए सभी एंट्री और एग्ज़िट पॉइंट की भी मरम्मत की जाएगी। यह काम रेलिंग बनाने के साथ-साथ किया जाएगा। एंट्री और एग्जिट कॉर्नर पर हादसे रोकने के लिए सुरक्षा के उपाय किए गए हैं।

    सेक्टर 50 निवासी इंजीनियर राजेश नैन का कहना है कि रेलिंग लगाने के साथ ही अधिकारियों को एक्सप्रेसवे पर निगरानी बढ़ानी चाहिए। निगरानी बढ़ने से ही अवैध कट पर रोक लगेगी। जहां भी अवैध कट दिखें, उन्हें बंद कर दें। हालांकि, कंक्रीट की रेलिंग बनने के बाद अवैध कट बनाना आसान नहीं होगा।

    अक्सर कहा जाता है कि गैर-कानूनी कट बनाने वालों पर FIR होगी। यह समस्या का हल नहीं है। गैर-कानूनी कट बनाने वालों की पहचान कैसे होगी? NHAI के एक अधिकारी का कहना है कि एक्सप्रेसवे की मरम्मत का काम तेज़ी से चल रहा है। कई काम एक साथ किए जा रहे हैं। रेलिंग का काम अगले महीने शुरू हो जाएगा।

    मरम्मत पूरी होने के बाद, दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे को दो हिस्सों में बांट देना चाहिए। दिल्ली वाला हिस्सा द्वारका में मौजूद प्रोजेक्ट डायरेक्टर के अंडर होना चाहिए, और गुरुग्राम वाला हिस्सा गुरुग्राम में मौजूद प्रोजेक्ट डायरेक्टर के अंडर होना चाहिए। तभी दोनों हिस्सों पर ध्यान दिया जाएगा। सिस्टम को बेहतर बनाने की ज़रूरत है।

    - जेएस सुहाग, पूर्व टेक्निकल एडवाइजर, NHAI