गुरुग्राम: मानसून से पहले एक्शन में नगर निगम, स्कूलों और अस्पतालों के पास जलभराव रोकने के सख्त निर्देश
गुरुग्राम नगर निगम ने मानसून से पहले जलभराव वाले स्थानों पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। निगमायुक्त प्रदीप ...और पढ़ें

मानसून से पहले जलभराव वाले स्थानों पर नजर। जागरण
HighLights
जोन तीन के 18 में से 11 जलभराव स्थलों का समाधान।
जोन चार के 15 में से 5 जलभराव स्थलों पर कार्य पूरा।
स्कूल, अस्पताल, श्मशान के पास जलभराव न हो: निगमायुक्त।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। मानसून से पहले जलभराव वाले स्थानों पर नगर निगम गुरुग्राम ने तेजी से काम शुरू कर दिया है। सोमवार को निगम कार्यालय में निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के दौरान जोन तीन एवं जोन चार की प्रगति रिपोर्ट में जलभराव स्थलों के समाधान के लिए किए गए कार्यों एवं उनकी वर्तमान स्थिति का विस्तृत आकलन प्रस्तुत किया गया।
जोन तीन में कुल 18 जलभराव हाटस्पॉट हैं, जिनमें 14 हाइपरक्रिटिकल, दो माडरेट तथा दाे माइनर श्रेणी के स्थल शामिल हैं। इनमें से 11 स्थलों पर विकास कार्य पूर्ण कर समस्या का समाधान किया जा चुका है, जबकि शेष सात स्थलों पर कार्य प्रगति पर है।
लक्ष्मण विहार के मुख्य रेलवे रोड पर 600 मिमी व्यास की सीवर लाइन बिछाने का कार्य प्रस्तावित है, जिससे क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। वहीं सेक्टर चार के निकट राम मंदिर से मदर डेयरी रोड तक सीवर एवं स्टार्म वाटर लाइन निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिससे जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित हुआ है।
जोन चार में 15 जलभराव स्थल, पांच पर कार्य पूरा
जोन चार में कुल 15 जलभराव हाटस्पाट हैं, जिनमें पांच माइनर, नौ माडरेट तथा एक हाइपरक्रिटिकल श्रेणी का स्थल शामिल है। इनमें पांच कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि दस स्थानों पर विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। धनवापुर गांव स्थित बीकानेर चौक पर नई 600 मिमी सीवर लाइन बिछाने का कार्य लगभग 70 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।
वहीं बसई गांव में मानसून के दौरान जलनिकासी व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए मशीनरी तैनाती की प्रक्रिया जारी है। मदनपुरी गली नंबर-11 में सीवर लाइनों की सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
स्कूलों, अस्पतालों तथा श्मशान स्थल के पास न भरे पानी
बैठक में निगमायुक्त ने इंजीनियरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्षा के दौरान स्कूलों, अस्पतालों तथा श्मशान स्थल तक जाने वाले मार्गों एवं उनके आसपास के क्षेत्रों में किसी भी स्थिति में जलभराव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन संवेदनशील स्थलों पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्य प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।
समीक्षा कर हो रही निगरानी
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि निगम प्रशासन लगातार विभिन्न जोन की समीक्षा कर कार्यों की निगरानी कर रहा है ताकि मानसून के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका, पूजा चांवरिया व रविन्द्र यादव, संयुक्त आयुक्त डा. प्रीतपाल सिंह, चीफ इंजीनियर विजय ढाका सहित संबंधित कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता उपस्थित थे।
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