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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    खुशखबरी: जल्द तैयार हो जाएगा रोजका मेव में 220 केवी सब स्टेशन, सोहना के 60 गांवों में नहीं होगा बिजली संकट

    Updated: Sun, 04 May 2025 11:02 AM (IST)

    गुरुग्राम के रोजका मेव में 220 केवी सबस्टेशन का निर्माण अंतिम चरण में है जो अगले पांच महीनों में पूरा हो जाएगा। इससे रोजका मेव के औद्योगिक क्षेत्र और ...और पढ़ें

    रोजका मेव में निर्माणाधीन 220 केवी सब स्टेशन। फोटो- जागरण
    रोजका मेव में निर्माणाधीन 220 केवी सब स्टेशन। फोटो- जागरण

    HighLights

    1. पांच महीने के भीतर तैयार हो जाएगा रोजका मेव में 220 केवी सब स्टेशन
    2. बिजली की पर्याप्त आपूर्ति सही से न होने के कारण पलायन कर गए उद्योग

    सतीश राघव, सोहना। रोजका मेव में 220 केवी बिजली सब स्टेशन का निर्माण अंतिम दौर में है। अगले पांच महीना के भीतर इसे चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे औद्योगिक क्षेत्र रोजका मेव के साथ ही सोहना शहर सहित इलाके के 60 गांव के उपभोक्ताओं की बिजली समस्या दूर हो जाएगी। बिजली के लगने वाले अघोषित कट, ओवर लोडिंग जैसी समस्या से राहत मिलेगी।

    सरकार ने किया था 24 घंटे बिजली देने का दावा

    पिछले 40 सालों से रोजका मेव व आसपास के लोग बिजली की समस्या से परेशान हैं। औद्योगिक नगरी में 66 केवी का पावर हाउस स्थापित है। इस पावर हाउस से पर्याप्त बिजली की आपूर्ति नहीं होती। पर्याप्त बिजली की आपूर्ति न होने से 40 किलोमीटर दूर पचगांव पावर हाउस से भी आपूर्ति की जा रही है। दूरी अधिक होने के कारण ओवर लोडिंग की गंभीर समस्या है।

    बिजली की पर्याप्त आपूर्ति सही से न होने के कारण इस औद्योगिक नगरी में स्थापित करीब 70 यूनिट पलायन कर गई। 1984 में सोहना के समीप रोजका मेव औद्योगिक नगरी स्थापित की गई थी। तब उद्योगपतियों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने का सरकार की ओर से दावा किया गया था, लेकिन बिजली की आपूर्ति नहीं हो सकी।

    बिजली निगम के उपमंडल अधिकारी मुकेश गौड़ मानते हैं कि रोजका मेव आइएमटी में बिजली की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उसके कई कारण बताते हुए कहते हैं कि फिलहाल बिजली की आपूर्ति पचगांव के पावर हाउस से की जा रही है, जो यहां से करीब 40 किलोमीटर दूर है।

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    लाइन में फाल्ट हो जाने पर वहां तक पहुंचने में पूरे दो घंटे का समय लगता है। केएमपी एक्सप्रेसवे के समीप पवार हाउस है, जहां रांग साइड से होकर जाना पड़ता है। डिमांड अधिक है, आपूर्ति कम है। मजबूरी में पावर कट लगाने पड़ते हैं। अगले पांच महीने के भीतर 220 केवी सब स्टेशन तैयार हो जाएगा। इसके बाद इलाके में बिजली की समस्या नहीं रहेगी।