यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गुरुग्राम में अकाउंटेंट ने किया सुसाइड, परिजनों ने काम के दबाव का लगाया आरोप; पुलिस ने शुरू की जांच
गुरुग्राम के खुरमपुर खेड़ा स्थित एक निजी स्कूल में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत 32 वर्षीय रंजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आ ...और पढ़ें

HighLights
- भाई ने सेक्टर 10 थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कराया
- थाना पुलिस ने स्कूल संचालकों के विरुद्ध केस दर्ज कर शुरू की जांच
- युवक ने निगला था विषाक्त पदार्थ, कार में बेहोश मिले थे, चार दिन तक चला इलाज
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। खुरमपुर खेड़ा स्थित एक निजी स्कूल में अकाउंटेंट के पद पर काम करने वाले 32 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक चार फरवरी को अचेत अवस्था में अपनी कार में सेक्टर 92 में एक स्कूल के पास मिला था। उसने विषाक्त पदार्थ निगला था। चार दिन तक चले इलाज के बाद शनिवार को उसने दम तोड़ दिया। परिवारवालों ने स्कूल पर ज्यादा काम लेने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। इसी कारण युवक ने विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।
सेक्टर 10 थाना पुलिस ने इस मामले में परिवार की शिकायत पर ऑक्सफोर्ड स्कूल संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मृत युवक की पहचान भांगरौला निवासी रंजीत सिंह के रूप में की गई। इनके छोटे भाई राहुल ने थाना पुलिस को दी शिकायत में कहा कि रंजीत खुरमपुर खेड़ा स्थित आक्सफोर्ड स्कूल में अकाउंटेंट के पद पर काम करते थे। आरोप है कि स्कूल के संचालक उनसे अत्यधिक काम कराते थे।
स्कूल न आने पर धोखाधड़ी का केस लिखवाने की धमकी
ऑनलाइन होने वाले घरेलू कार्य व रेवाड़ी में स्थित एक अन्य कॉलेज के कार्य का भी उन पर दबाव डालते थे। इसको लेकर कई बार रंजीत ने मौखिक रूप से घरवालों को बताया था। काम का प्रेशर होने के कारण वह मानसिक दबाव से गुजर रहे थे। चार फरवरी को स्कूल से दो लोग उनके घर आए और उनके भाई को गाड़ी में बिठाकर मारपीट की। स्कूल न आने पर धोखाधड़ी का केस लिखवाने की धमकी दी। दोनों लोगों के जाने के बाद रंजीत भी अपनी कार से स्कूल के लिए निकल गए।
जहरीला पदार्थ निगलने का मामला
दोपहर करीब तीन बजे राहुल के पास फोन आया कि उनके भाई रंजीत कार में सेक्टर 92 में बेहोशी की हालत में पड़े हैं। इस पर वह मौके पर पहुंचे और रंजीत को आरवी अस्पताल ले गए। यहां पता चला कि उन्होंने विषाक्त पदार्थ निगला था। हालत गंभीर होने पर उन्हें रेवाड़ी के उजाला अस्पताल ले जाया गया। शनिवार को उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। राहुल ने रंजीत की मौत का जिम्मेदारी स्कूल संचालकों को ठहराया है।
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आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में केस दर्ज
वहीं इस बारे में पक्ष लेने के लिए स्कूल संचालकों से जब फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। सेक्टर 93 चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर प्रदीप ने बताया कि थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। स्कूल संचालकों से इस बारे में पूछताछ की जाएगी।