Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    गुरुग्राम में अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 110 एकड़ में कॉलोनी काटने वाले 100 भूमाफिया पर FIR दर्ज

    Updated: Tue, 06 Feb 2024 03:56 PM (IST)

    बीते छह माह विभाग ने 150 से अधिक कॉलोनियों पर पीला पंजा चलाया गया और दर्जनों एफआइआर भी दर्ज की गई। इसी कड़ी में अब विभाग की तरफ से जनवरी माह में की गई ...और पढ़ें

    110 एकड़ में कॉलोनी काटने वाले 100 भूमाफिया पर FIR दर्ज (फाइल फोटो)
    110 एकड़ में कॉलोनी काटने वाले 100 भूमाफिया पर FIR दर्ज (फाइल फोटो)

    संवाद सहयोगी, नया गुरुग्राम। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के जिला नगर योजनाकार एन्फोर्समेंट (डीटीपीई) की सिफारिश पर सोहना, मानेसर, पटौदी, फरुखनगर में कृषि भूमि पर अवैध रूप से कॉलोनी काटने को लेकर 100 से अधिक जमीन मालिकों के विरुद्ध सुशांत लोक टू सेक्टर-56 स्थित एन्फोर्समेंट थाने में 15 अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। जनवरी माह में डीटीपीई की तरफ से इन मामलों को दर्ज करने के लिए सिफारिश की गई थी जिसके बाद एन्फोर्समेंट थाने में मामले दर्ज किए गए हैं।

    150 से अधिक कॉलोनियों पर चला बुलडोजर

    एन्फोर्समेंट टीम की तरफ से सोहना, मानेसर, फरुखनगर, पटौदी में अवैध कालोनियों के विरुद्ध लगातार तोड़फोड़ कार्रवाई जारी है। बीते छह माह विभाग ने 150 से अधिक कॉलोनियों पर पीला पंजा चलाया गया और दर्जनों एफआइआर भी दर्ज की गई। इसी कड़ी में अब विभाग की तरफ से जनवरी माह में की गई सिफारिश पर करीब 15 मामले दर्ज किए गए हैं।

    110 एकड़ में काटी जा रही थी अवैध कॉलोनी

    इनमें सोहना-भोंडसी में तीन, मानेसर के बिलासपुर, भोड़ाकलां में तीन, फरुखनगर में छह, पटौदी में तीन अवैध कॉलोनियों समेत कुल 15 मामले दर्ज कराए गए हैं। इनमें 100 से अधिक जमीन मालिकों को नामजद किया गया है और कुछ प्रॉपर्टी डीलर भी शामिल हैं। यह कॉलोनियों करीब 110 एकड़ में काटी जा रही थी। विभाग की तरफ से एफआईआर दर्ज कराने से पहले कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा गया था, जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो रिस्टोरेशन के आदेश दिए गए।

    जमीन मालिकों के खिलाफ 15 FIR दर्ज

    जमीन को रिस्टोर करने के लिए पर्याप्त समय भी दिया गया, लेकिन जब रिस्टोर नहीं की तो तोड़फोड़ कार्रवाई की गई। इन सभी कॉलोनियों में विभाग की तरफ से एक से दो बार तोड़फोड़ कार्रवाई की गई है। इसके बाद भी जब जमीन मालिक नहीं माने तो एन्फोर्समेंट टीम की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई है। हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट एक्ट के तहत कृषि भूमि जमीन पर बिना टाउन प्लानिंग विभाग की परमिशन के कॉलोनी नहीं काटी जा सकती है। इसके बावजूद जमीन मालिक और प्रॉपर्टी डीलर मिलकर कॉलोनी काट रहे हैं।

    खबरें और भी

    विभाग की तरफ से जनवरी माह में अवैध कॉलोनियां काटने पर अलग-अलग इलाकों के जमीन मालिकों के विरुद्ध 15 मामले दर्ज कराए गए हैं। जनवरी माह में एन्फोर्समेंट थाने में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई थी। हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट एक्ट के तहत अवैध कॉलोनी नियमों के विरुद्ध है और इसमें तीन साल की सजा तक हो सकती है। विभाग की तरफ से लगातार अवैध कॉलोनियों पर निगरानी के लिए सर्वे किए जा रहे हैं।- मनीष यादव, डीटीपी एन्फोर्समेंट, टाउन प्लानिंग