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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Dwarka और Delhi-Gurugram Expressway पर ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की अब खैर नहीं! एक गलती पर कटेगा चालान

    By ADITYA RAJEdited By: Abhishek Tiwari
    Updated: Thu, 26 Jun 2025 01:58 PM (GMT+05:30)

    द्वारका एक्सप्रेसवे और दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) चालू कर दिया गया है। अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करन ...और पढ़ें

    दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर गुजरते वाहन। फाइल फोटो

    दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर गुजरते वाहन। फाइल फोटो

    HighLights

    1. एटीएमएस से दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे व द्वारका एक्सप्रेसवे की हर गतिविधियों पर नजर 

     आदित्य राज, गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेसवे व दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर विकसित एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) चालू कर दिया गया है। अब दोनों एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते ही चालान हो जाएगा। यही नहीं कैमरों की मदद से एक्सप्रेसवे की पूरी गतिविधियों पर कंट्रोल रूम से नजर रखी जा सकेगी।

    कंट्रोल रूम द्वारका एक्सप्रेसवे के नजदीक गुरुग्राम-दिल्ली सीमा पर बनाया गया है। द्वारका एक्सप्रेसवे खेड़कीदौला टोल प्लाजा के नजदीक दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे से एवं महिलपालपुर में शिवमूर्ति के नजदीक जुड़ा है। दोनों एक्सप्रेसवे रिंगमेन सिस्टम की तरह जुड़े हैं। दोनों को मिलाकर 56.46 किलोमीटर की दूरी बनती है।

    यह दूरी पूरी तरह कैमरों की जद में आ गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से संबंधित इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड ने एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने का काम पिछले महीने पूरा कर लिया। अब इसे चालू कर दिया है।

    इस बारे में दिल्ली एवं गुरुग्राम पुलिस को सूचना दे दी गई है ताकि कंट्रोल रूम में जैसे ही ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की जानकारी सामने आए, वैसे ही चालान कर दिया जाए। 14 प्रकार के ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन परिभाषित किए गए हैं। इनमें रांग साइड ड्राइविंग, ओवरस्पीड, ओवरलोडिंग, अपनी लेन में न चलना एवं एक्सप्रेसवे पर वाहन को खड़ा करना आदि प्रमुख हैं।

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    56.46 किलोमीटर में 150 कैमरे लगाए गए

    दोनों एक्सप्रेसवे पर 56.46 किलोमीटर के दायरे में 150 अत्याधुनिक कैमरे लगाए गए हैं। हर किलोमीटर पर एक सर्विलांस कैमरा (आटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) लगाया गया है। 10 किलोमीटर के अंतराल पर एक ऑर्टिफिशियल इंटेजिलेंस (एआई) आधारित कैमरा लगाया है। इन कैमरों से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते ही ऑटोमैटिक चालान कट जाएगा। यही नहीं कैमरों के माध्यम से पूरी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। 

    ट्रैफिक जाम हटाने में मिलेगी मदद

    कहीं एक्सीडेंट होने पर या किसी कारण से ट्रैफिक जाम लगने पर तत्काल प्रभाव से ट्रैफिक डायवर्ट किया जा सकेगा। कंट्रोल रूम में पता चल जाएगा कि अमूक स्थान पर एक्सीडेंट होने से ट्रैफिक का दबाव बढ़ सकता है। यही नहीं एक्सीडेंट होते ही ट्रैफिक पुलिस एवं इलाके की थाना पुलिस कुछ ही समय में मौके पर पहुंच जाएगी।

    इन कैमरों का सबसे बड़ा लाभ अपराधियों को पकड़ने में होगा। 56.46 किलोमीटर के दायरे में कहीं से भी अपराधी यदि निकलेंगे, उनकी पहचान करना आसान हो जाएगा। दोनों एक्सप्रेसवे से निकलने वाले सभी वाहनों का नंबर कैमरे में रिकॉर्ड होगा।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के निर्देशन में रोड ट्रांसपोर्ट में डिजिटलाइजेशन के साथ-साथ एआई और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम को प्रमोट किया जा रहा है। ऐसा करके दुर्घटना और जाम कम करेंगे। वेदर फोरकास्ट पता चलेगा और वाहन चालकों को मालूम हो जाएगा कि वह ओवरस्पीडिंग कर रहे हैं।

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    - हर्ष मल्होत्रा, राज्यमंत्री, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग