विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हिसार कोर्ट के बाहर दिनदहाड़े फायरिंग, बदमाशों ने गैंगस्टर विनोद काना को 14 गोलियां मारकर उतारा मौत के घाट

Updated: Thu, 20 Aug 2026 04:06 PM (IST)

हिसार कोर्ट परिसर के बाहर गैंगस्टर विनोद काना की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसमें उसके तीन साथी भी घायल हुए।

HighLights

  1. हिसार कोर्ट परिसर में गैंगस्टर विनोद काना की गोली मारकर हत्या

  2. हमलावरों ने 14-15 राउंड फायरिंग की, एक आरोपी गिरफ्तार

  3. विनोद काना पर हत्या सहित 31 आपराधिक मामले दर्ज थे

जागरण, संवाददाता, हिसार। हिसार कोर्ट परिसर के मुख्य गेट पर दोपहर करीब ढाई बजे गैंगस्टर विनोद काना की गोलियां मारकर हत्या कर दी। गैंगवार में विनोद के तीन साथी भी घायल हुए है, उनका निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है।

हमला करने वाले एक आरोपित को गोली लगने के बावजूद एक घायल ने वकीलों की पार्किंग में पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। जबकि एक आरोपित हवाई फायर करते हुए मौके से फरार हो गया।

हिसार कोर्ट के मुख्य गेट पर विनोद काना वीरवार को अपनी पेशी भुगतने के बाद साथियों सहित बाहर निकल रहा था। इस दौरान घात लगा कर बैठे दो हमलावरों ने गेट पर ही अचानक से हमला कर दिया और एक के बाद एक करीब 14 से 15 राउंड फायरिंग की।

हमलावर फायरिंग करने के बाद वकीलों की पार्किंग से निकलकर भागने लगे तो विनोद के एक साथी ने उसका पीछा किया। एक हमलावर ने इस समय विनोद के साथी पर गोली चला दी और गोली जांघ पर लगी। गोली लगने के बावजूद घायल ने हमलावर को पार्किंग में ही पकड़ लिया।

इस दौरान पीछे से आए लोगों ने उसे हमलावर को जमकर धुनाई की और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पार्किंग के साथ मौजूद पेट्रोल पंप की दीवार कूद कर फायरिंग करते हुए कर फरार हो गया ।सूचना मिलने के बाद डीएसपी सहित भारी पुलिस बल मौके में पहुंच गया और जांच शुरू करें

विधायक के पीए के भतीजे की हत्या में भी था आरोपी

विनोद पानू उर्फ काना पर हत्या समेत 31 आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस के अनुसार दिल्ली-एनसीआर सहित कई क्षेत्रों में उसकी आपराधिक गतिविधियां थीं। वह हिसार का मोस्ट वांटेड बदमाश था। काना पर विधायक सावित्री जिंदल के पीए के भतीजे की हत्या करने का भी आरोप था।

सात लाख का इनाम था, 2017 में झज्जर से पकड़ा

सीआइए ने वर्ष 2017 में काना को झज्जर के भडावास क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। उस समय उस पर सात लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके साथ सात अन्य बदमाश भी पकड़े गए थे। इनमें मकोका से फरार और पैरोल जंपर धीरपाल निवासी रेढूवास भी शामिल था। पुलिस के अनुसार उस समय यह गिरोह मंजीत गैंग के प्रदीप सोलंकी की हत्या की साजिश में जुटा था।