हरियाणा में 25 सितंबर से एक्टिव होगा मानसून, कई जिलों में बूंदाबांदी से सर्दी की आहत; NCR इलाकों में भी दिखेगा असर
हरियाणा में 23-24 सितंबर को मानसून की विदाई के साथ मौसम शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन 27-28 सितंबर को पश्चिमी विक्षोभ से फिर वर्षा के आसार हैं।

यह तस्वीर एआई द्वारा जनरेट की गई है।
HighLights
23-24 सितंबर को हरियाणा में मौसम शुष्क रहने की संभावना।
27-28 सितंबर को हरियाणा, दिल्ली, एनसीआर में वर्षा के आसार।
हिसार में सामान्य से 20 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई।
- 21 सितंबर तक जिले में 230.2 मिलीमीटर वर्षा, सामान्य आंकड़ा 288.7 मिलीमीटर - राजस्थान पर प्रतिचक्रवात बनने से पश्चिमी गर्म हवाओं का प्रभाव, 27-28 सितंबर को फिर वर्षा के आसार
जागरण संवाददाता, हिसार। मानसून की विदाई के साथ प्रदेश में अब मौसम के मिजाज में बदलाव देखने को मिलेगा। 23 व 24 सितंबर को मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों से मानसून की विदाई हो जाएगी। 25 सितंबर को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके प्रभाव से अंबाला और पंचकूला क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। इसके बाद 27 और 28 सितंबर को नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर में वर्षा की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में बंगाल की खाड़ी पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, लेकिन राजस्थान के ऊपर प्रतिचक्रवात बनने और पश्चिमी गर्म हवाओं के चलने से मानसून की वापसी की परिस्थितियां बन रही है।
प्रतिचक्रवात के कारण हवा का ऊपर उठने की बजाय नीचे की ओर आती है, जिससे वातावरण में स्थिरता आती है और बादल बनने तथा वर्षा की गतिविधियों में कमी आती है। यही कारण है कि मानसून की विदाई के बाद मौसम में शुष्कता बढ़ने की संभावना है। प्रतिचक्रवात बनने और पश्चिमी गर्म हवाओं के प्रभाव से मानसून की विदाई के बाद दिन के तापमान में बढ़ोतरी और मौसम के शुष्क रहने की संभावना रहती है। वर्षा की गतिविधियां कम होने से वातावरण में नमी भी घट सकती है।
हिसार में 20 प्रतिशत वर्षा की कमी भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में इस मानसून सीजन में अब तक 230.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य बारिश 288.7 मिलीमीटर होती है। इस तरह जिले में सामान्य से 20 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। कम बारिश का असर खेती और मिट्टी की नमी पर भी दिखाई दे सकता है।
