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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Haryana: ACB की बड़ी कार्रवाई... राजस्थान के पूर्व राज्य मंत्री गोपाल केसावत पर शिकंजा, लाखों का किया था घोटाला

By Jagran NewsEdited By: Paras Pandey
Updated: Fri, 22 Sep 2023 04:00 AM (IST)

जयपुर में एसीबी की तरफ से भ्रष्टाचार के मामले में पकड़े गए राजस्थान के पूर्व मंत्री गोपाल केशावत सहित सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक व दो अन्य लोगों पर अदाल ...और पढ़ें

जयपुर एसीबी की तरफ से 15 जुलाई को पकड़वाए गए थे। (फाइल फोटो)
जयपुर एसीबी की तरफ से 15 जुलाई को पकड़वाए गए थे। (फाइल फोटो)

हिसार,जागरण संवाददाता। जयपुर में एसीबी की तरफ से भ्रष्टाचार के मामले में पकड़े गए राजस्थान के पूर्व मंत्री गोपाल केशावत सहित सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक व दो अन्य लोगों पर अदालत ने शिकंजा कस दिया है। एसीबी जयपुर की तरफ से भ्रष्टाचार की धाराएं हटाकर कोर्ट में चालान पेश करने के मामले में अदालत ने उसे उन धाराओं को दोबारा लगाने के आदेश दिए हैं। 

साथ ही कोर्ट की तरफ से इस मामले में एसीबी के महानिदेशक को आदेश दिए गए हैं कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक या उससे बड़े पद के अधिकारी से इस मामले की सही से पूर्ण जांच करवाई जाए और रिपोर्ट पेश की जाए। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एसीबी का काम भ्रष्टाचार को उजागर कर खत्म करना है न कि जांच की दिशा व दशा बदलकर अनर्थ करना।

दूसरी तरफ मामले में शिकायतकर्ता एडवोकेट हरदीप सिंह सुंदरिया ने इस मामले को हाईकोर्ट ले जाने और सीबीआइ जांच करने की बात कही है। एडवोकेट हरदीप सिंह ने बताया कि हिसार के बालसमंद गांव के विकास की सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 40 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। 

उस दौरान एसीबी को शिकायत दी गई और उनकी तरफ से सबसे पहले अनिल कुमार धीरेंद्र को रंगे हाथ पकड़ा था। उस मामले में जांच करते हुए एसीबी की तरफ से ब्रह्मप्रकाश, रविंद्र शर्मा और पूर्व मंत्री गोपाल केशावत को गिरफ्तार किया था। एडवोकेट हरदीप ने आरोप लगाया कि एसीबी ने जांच को प्रभावित कर भ्रष्टाचार की धाराओं को हटा दिया था। हरदीप ने अदालत में इस मामले में उनकी तरफ से शिकायत दर्ज करवाई गई थी। एसीबी की तरफ से सिर्फ धोखाधड़ी की धाराओं को लगाया था। 

उनका कहना था कोई लोक सेवक इसमें नहीं है तो यह धारा नहीं बनती। उस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उस मामले में भ्रष्टाचार की धाराओं को दोबारा लगाने के आदेश दिए। साथ ही कहा कि नौकरी के लिए यह पैसा लिया गया इसलिए यह धाराएं बनती हैं।

एडवोकेट हरदीप ने बताया कि अदालत ने महानिदेशक एसीबी जयपुर को मामले की पूर्ण व निष्पक्ष जांच करवाने के आदेश दिए हैं। एडवोकेट हरदीप ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार पूर्व मुख्य सचिव की पत्नी और कवि कुमारी विश्वास की पत्नी को बचाना चाहती है।