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नेपाल त्रासदी: 2 मिनट पहले एक फोन और बच गई 7 जिंदगी, साथियों के साथ पहाड़ पर चढ़ गए थे विष्णु; जंगल में बिताए चार दिन

Published: Sun, 06 Sep 2026 05:56 AM (IST)

नेपाल के त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में आई बाढ़ से ठीक पहले एक फोन कॉल ने हेड कुक विष्णु प्रसाद और ...और पढ़ें

नेपाल त्रासदी: 2 मिनट पहले एक फोन और बच गई 7 जिंदगी। फोटो जागरण

नेपाल त्रासदी: 2 मिनट पहले एक फोन और बच गई 7 जिंदगी। फोटो जागरण

HighLights

  1. त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में बाढ़ से पहले फोन कॉल ने बचाया।

  2. हेड कुक विष्णु प्रसाद ने 7 साथियों संग पहाड़ पर चढ़कर जान बचाई।

  3. हिसार में नेपाली समाज 6 सितंबर को श्रद्धांजलि सभा आयोजित करेगा।

जागरण संवाददाता, हिसार। नेपाल के त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को पिछले दिनों आई त्रासदी में उजाड़ दिया। नेपाल से लेकर हिसार तक उस त्रासदी से लोग परेशान थे। हिसार के शांत विहार कालोनी में रहने वाले लीलापति शर्मा के बड़े साला विष्णु प्रसाद उस हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में हेड कुक थे।

उस सैलाब के आने से दो मिनट पहले उनके पास आए एक फोन ने उनकी और उनके 7 साथियों की जान बचा ली। वह बाढ़ का पता चलते ही अपने साथियों को लेकर हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के साथ मौजूद पहाड़ पर ऊंचाई पर चढ़ गए और जान बचाई। वह जंगल में भी रहे और बाद में परिवार के पास पहुंचे।

नेपाल में 26 अगस्त को बाढ़ आई थी। उस दौरान त्रिशूली नदी पर बने त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी टूट गया था। उस प्रोजेक्ट में हेड कुक के रूप में नेपाल के अरगा खांची के विष्णु प्रसाद थे।

उनको पता चला की बाढ़ का पानी आ रहा था तो उन्होंने तुरंत अपने साथियों को बताया। वह भाग कर पास में मौजूद पहाड़ पर चढ़ गए। पहाड़ में रहने के कारण उनको ऊपर चढ़ने में दिक्कत नहीं हुई। बाढ़ से जब प्रोजेक्ट के टूटने और लोगों के गायब होने का पता चला तो परिवार परेशान हो गया।

रेसक्यू टीम काठमांडू लेकर जा रही थी

हिसार से लीलापति शर्मा भी अपने ससुर व अन्य परिवार के सदस्यों के पास फोन करने लगे। पूरा दिन किसी को कुछ पता नहीं चला तो सभी चिंतित रहे। उसी दिन शाम को किसी तरह विष्णु ने परिचित को फोन कर बताया कि वह ठीक है और जंगल में है।

पहाड़ पर चढ़ कर वह बच गए। उसके बाद लीलापति का तीन दिन बाद संपर्क हुआ तो रेसक्यू टीम उनको काठमांडू लेकर जा रही थी।

लीलापति ने बताया कि चार दिन तक सही से उनके साले का पता नहीं चल रहा था। यह था कि वह ठीक है। बाढ़ में जब प्रोजेक्ट के टूटने का पता चला तो एक बार तो हालत खराब हो गई थी। कारण था उस बाढ़ में हजारों लोग गायब हुए थे। हिसार में रहते हुए वह बस अपने परिवार विष्णु के बारे में जानने का प्रयास कर रहे थे।

नेपाल में त्रासदी का शिकार हुए लोगों को आज देंगे श्रद्धांजलि

नेपाल के भोटे कोसी नदी में आई भयंकर प्राकृतिक आपदा त्रासदी बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति हिसार में स्थित नेपाली समाज के दोनों संगठन प्रवासी नेपाली संघ भारत एवं मूल प्रवाह अखिल भारत नेपाली एकता समाज नगर समिति श्रद्धांजलि देगा। 6 सितंबर को शाम 6 बजे क्रांतिमान पार्क में श्रद्धांजलि सभा होगी। इसमें दोनों संगठन के लोग एकत्रित होंगे।