यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Farmers protest: किसान आंदोलन के कारण क्या पंजाब-हरियाणा और दिल्ली में बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?
Haryana Petrol Price किसानों के आंदोलन के चलते प्रदेश की सीमाएं सील हैं। इसका सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ रहा है। हिसार से पंजाब दिल्ली हिमाचल प्रदेश चं ...और पढ़ें

HighLights
- ट्रक में लोड सामान, हिसार में अटके।
- रोजाना तेल की 150 गाड़ियां आती थीं, अब आ रहीं सौ।
- 25 प्रतिशत तेल की बिक्री कम, खड़े हुए 3000 ट्रक।
जागरण संवाददाता, हिसार। किसानों के दिल्ली कूच (Farmers Protest) के चलते प्रदेश की सीमाएं बंद हैं। इसका सीधा असर आम आदमी के जनजीवन पर पड़ा है। हिसार से पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ सीधे तौर पर कट गए हैं। लोग अपने कार्यालय में जाने के अलावा इन राज्यों की तरफ जाने वाले सभी कार्यक्रम रद कर रहे हैं। हालात यह हैं कि जन जीवन के साथ-साथ व्यापार भी काफी प्रभावित हुआ है।
जिले में पेट्रोल पंप (Punjab Haryana Petrol Price) पर करीब 25 प्रतिशत तक तेल की बिक्री घटी है। पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश जाने वाले करीब 3000 हजार ट्रक खड़े हो गए हैं। गुजरात, महाराष्ट्र से आने वाले ट्रकों को हिसार में रोका गया है। हालांकि सब्जी मंडी, थोक व्यापार पर ज्यादा असर नहीं है।
दिल्ली से जरूरी सामान की गाड़ियां हिसार पहुंच रही हैं। वहीं मय्यड़, हिसार-फतेहाबाद सीमा पर नेशनल हाइवे-9 को वन-वे कर गाड़ियों को निकाला जा रहा है। पुलिस की तरफ से इस रोड पर दिल्ली (Delhi News) की तरफ जाने वाले पंजाब (Punjab News) या बाहर नंबर की गाड़ियों को विशेष रूप से जांचा जा रहा है।
ट्रक में लोड सामान, हिसार में अटके
जिले से देश भर में करीब 10 हजार ट्रक सामान लेकर जाते हैं। इनमें पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश की तरफ तीन हजार ट्रक नहीं जा पा रहे। जिससे व्यापारियों का माल भी हिसार (Hisar News) में अटका है। साथ ही गुजरात, महाराष्ट्र की तरफ से पंजाब आने के लिए बुधवार को गाड़ियां पहुंचीं लेकिन उनको सातरोड के पास बने ट्रक यूनियन के मैदान में खड़ा करना पड़ा।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान कुलवंत सिंह ने बताया कि उनके व्यापारियों के माल भेजने के लिए फोन आ रहे हैं। मगर रास्ते बंद होने से गाड़ियां नहीं भेज रहे। हिसार से पाइप के अलावा रुई की गांठें, खल बिनौला, तेल आदि सामान पंजाब जाता है।
रोजाना तेल की 150 गाड़ियां आती थीं, अब आ रहीं सौ
जिले से दूसरे राज्यों में जाने के लिए लोगों के कार्यक्रम स्थगित हो गए हैं। उसका असर पेट्रोल पंपों की सेल पर भी आया है। जिले में 235 पेट्रोप पंप हैं। इन पर करीब 20 हजार लीटर से ज्यादा डीजल व पेट्रोल की हर रोज बिक्री होती है, मगर किसानों के दिल्ली कूच से बंद हुई सीमाओं के चलते तेल की बिक्री कम हो गई है।
आल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के जिला प्रधान राजकुमार सलेमगढ़ ने बताया कि उनके पास तेल आने में दिक्कत नहीं है। बिक्री पर असर जरूर हुआ है।
पहले हर रोज करीब 150 गाड़ी तेल लेकर आती थी जो अब करीब 100 रह गई हैं। उन्होंने बताया कि हिसार में पानीपत, हांसी के डाटा, पलवल के प्याला से तेल सप्लाई होता है। सप्लाई में अभी कंपनियों की तरफ से कोई भी दिक्कत नहीं है।

