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    आज का मौसम: हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, कई जिलों में बारिश के आसार

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    हरियाणा में इस बार मानसून की रफ्तार सुस्त बनी हुई है, जिससे 1 जून से 25 जुलाई तक सामान्य से 24 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। ...और पढ़ें

    हरियाणा में बारिश का दौर जारी है।

    हरियाणा में बारिश का दौर जारी है।

    HighLights

    1. 1 जून से 25 जुलाई तक 24% कम वर्षा

    2. 28 जुलाई से मानसून के फिर सक्रिय होने की संभावना

    3. पंचकूला, अंबाला, करनाल में भारी वर्षा के आसार

    जागरण संवाददाता, हिसार। हरियाणा में इस बार मानसून की रफ्तार सुस्त बनी हुई है। एक जून से 25 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य से 24 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। 23 में से केवल सात जिलों में सामान्य या सामान्य के आसपास वर्षा हुई है। 23 में से 16 जिलों में वर्षा सामान्य से कम रही।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पिछले एक सप्ताह से कमजोर पड़ा मानसून 28 जुलाई से फिर सक्रिय हो सकता है, जिससे प्रदेश के कई जिलों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि प्रदेश में एक जून से 25 जुलाई तक 132.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 175.4 मिलीमीटर होती है।

    कई जिलों में सामान्य से कम वर्षा

    25 जुलाई तक हरियाणा में फरीदाबाद में सबसे अधिक 271 मिमी वर्षा दर्ज हुई, जो सामान्य से 41 प्रतिशत अधिक रही। वहीं हिसार 34 प्रतिशत, कैथल 46 प्रतिशत, पंचकूला 49 प्रतिशत, जींद 65 प्रतिशत और सिरसा 61 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। चरखी दादरी 9 प्रतिशत, कुरुक्षेत्र 3 प्रतिशत, महेंद्रगढ़ 5 प्रतिशत, पलवल 19 प्रतिशत, रेवाड़ी शून्य प्रतिशत और यमुनानगर 12 प्रतिशत कम के साथ सामान्य श्रेणी में रहे।

    पिछले एक सप्ताह से मानसून कमजोर बना हुआ है। इसका मुख्य कारण मानसून टर्फ और अन्य मौसम प्रणालियों का राजस्थान की ओर सक्रिय होना है। इसके चलते हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में केवल छिटपुट वर्षा हो रही है और लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

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    बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र डिप्रेशन में बदल चुका है और इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। वहीं 27 जुलाई की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से मानसून टर्फ हरियाणा की ओर खिसकेगी और प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने की संभावना है।

    पश्चिमी विक्षोभ से होगी वर्षा

    मौसम विभाग के अनुसार 28 से 30 जुलाई के दौरान हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ेंगी। पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल में भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है। करनाल, पानीपत और सोनीपत में भी मूसलाधार वर्षा के आसार हैं। रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और पलवल में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर तेज वर्षा हो सकती है।

    वहीं, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ में हल्की वर्षा या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के मिलन से पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक रूप से पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

    तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी

    रविवार को प्रदेश में अधिकतम तापमान में औसतन दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हिसार में अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27.2 डिग्री सेल्सियस रहा। अंबाला में अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री, रोहतक में 36.3 डिग्री और भिवानी में 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार व आसपास के क्षेत्रों में दिनभर बादलों की आवाजाही रही, हालांकि वर्षा नहीं हुई। वहीं करनाल में 15.4 मिलीमीटर और भिवानी में तीन मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।