सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने हरियाणा में रेल-मेट्रो विस्तार पर उठाए सवाल, SYL और राम मंदिर विवाद पर भी सरकार को घेरा
सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने दादरी तोय में सरकार पर विकास परियोजनाओं और एसवाईएल नहर को लेकर निशाना साधा। उन्होंने पिछले 12 वर्षों में हरियाणा में नई रेल ...और पढ़ें

सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने हरियाणा में रेल-मेट्रो विस्तार पर उठाए सवाल (File Photo)
HighLights
दीपेन्द्र हुड्डा ने हरियाणा में विकास परियोजनाओं पर सरकार को घेरा
पिछले 12 वर्षों में नई रेल-मेट्रो लाइनें न बिछने पर चिंता
एसवाईएल नहर निर्माण व राम मंदिर के राजनीतिकरण पर भी बोले
अमित पोपली, माछरौली। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा निकटवर्ती गांव दादरी तोय में ग्राम पंचायत द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उनके साथ प्रमुख रूप से विधायक कुलदीप वत्स समेत बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामवासी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने प्रदेश की विभिन्न विकास परियोजनाओं और समसामयिक मुद्दों पर सरकार को जमकर घेरा।
सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा आ रहे प्रधानमंत्री को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप एसवाईएल (सतलुज-यमुना लिंक) नहर के निर्माण की शुरूआत की घोषणा यहीं से करनी चाहिए, क्योंकि आज प्रदेश के एक बड़े भू-भाग में आमजन गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कांग्रेस की हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान बनी जींद-गोहाना-सोनीपत रेल लाइन पर एक ट्रेन की शुरूआत करने आ रहे हैं।
12 वर्षों में हरियाणा में नहीं बिछी एक इंच भी नई रेल व मेट्रो लाइन
विकास कार्यों का ब्यौरा देते हुए सांसद ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय प्रदेश में जींद-गोहाना-सोनीपत, रोहतक-झज्जर-रेवाड़ी और रोहतक-महम-हांसी रेल लाइन को मंजूरी दिलाई थी, तथा 3 अन्य लाइनों को सैद्धांतिक मंजूरी मिली थी।
इसके लिए भूमि अधिग्रहण से लेकर काम पूरा कराने तक का कार्य कांग्रेस सरकार ने किया। लेकिन पिछले 12 वर्षों में हरियाणा में एक इंच भी नई रेल लाइन नहीं बिछाई गई। इसी तरह कांग्रेस के समय बहादुरगढ़, गुरुग्राम, फरीदाबाद और बल्लभगढ़ को मेट्रो से जोड़कर 83 किलोमीटर लाइन बनवाई गई, पर पिछले 12 सालों में मेट्रो एक इंच भी आगे नहीं बढ़ी। उन्होंने कहा कि अच्छा होगा यदि प्रधानमंत्री पुरानी रेल लाइनों पर ट्रेन चलाने के साथ-साथ हरियाणा को नई रेल लाइन और मेट्रो विस्तार का तोहफा भी दें।
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एक सवाल के जवाब में दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि राम मंदिर का राजनीतिकरण और उसके चढ़ावे पर डाका डालना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ट्रस्ट को तुरंत भंग कर इसकी कमान देश के धर्माचार्यों, शंकराचार्यों और साधु-संतों को सौंपी जाए।