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    हरियाणा के झज्जर में बछड़े को बचाने कुएं में उतरे चार युवक, दम घुटने से मौत; मौतों का सटीक कारण बना रहस्य

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 06:24 PM (IST)

    झज्जर के मुनीमपुर गांव में एक बछड़े को कुएं से बचाने के प्रयास में चार लोगों की मौत हो गई। 50 साल से बंद पड़े कुएं में जहरीली गैस या पानी में डूबने से ...और पढ़ें

    कुएं को तोड़ते जेसबी। फोटो जागरण

    कुएं को तोड़ते जेसबी। फोटो जागरण

    HighLights

    1. झज्जर के मुनीमपुर में बछड़े को बचाने उतरे चार की मौत।

    2. 50 साल पुराने बंद कुएं में जहरीली गैस या डूबने से हादसा।

    3. विधायक और पुलिस आयुक्त ने घटनास्थल का जायजा लिया।

    जागरण संवाददाता, झज्जर। गांव मुनीमपुर के बीचों-बीच स्थित करीब 150 साल पुराने कुएं में रविवार रात गिरे एक बछड़े को बचाने के प्रयास में चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में तीन स्थानीय ग्रामीण और एक उत्तर प्रदेश का श्रमिक शामिल है। 50 साल से बंद पड़े प्याऊ वाले इस कुएं में बछड़े सहित कुल पांच जिंदगियां खत्म हो गईं।

    इस हादसे के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। मृतकों की पहचान मुनीमपुर निवासी दलबीर पुत्र फूल सिंह, मोनू पुत्र राजबीर, उत्तर प्रदेश के श्रमिक रामू पुत्र रामदुलारे और गांव मुनीमपुर के नरेंद्र पुत्र सत्यवान के रूप में हुई है।

    घटना रविवार रात करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच की है। गांव की चौपाल और मंदिर के साथ लगते इस कुएं से कुछ ही दूर दलबीर, नरेंद्र, मोनू और रामू बैठकर हुक्का पी रहे थे। इसी दौरान एक भागता बछड़ा अचानक कुएं में जा गिरा। यह देखते ही चारों युवक बछड़े को बचाने कुएं की ओर दौड़े और एक के बाद एक कुएं में उतरते चले गए।

    हादसे में सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि आखिर यह हादसा किस वजह से हुआ? क्या इस गहरे कुएं में पानी अधिक था या फिर 50 साल से बंद होने के कारण अंदर जहरीली गैस बन चुकी थी, जिसने उन्हें संभलने का मौका ही नहीं दिया? मौत का सटीक कारण फिलहाल पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आ सकता है।

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    रोशनी के लिए ट्रैक्टर किए गए चालू, दो घंटे चला रेस्क्यू

    हादसे की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया। रात में रेस्क्यू आपरेशन चलाने के लिए गांव वालों ने कई ट्रैक्टर चालू करके रोशनी का प्रबंध किया। हालात को देखते हुए फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं।

    कुएं की स्थिति ऐसी थी कि बिना मुंडेर तोड़े बचाव कार्य संभव नहीं था, इसलिए जेसीबी की मदद ली गई। जेसीबी से कुएं की मुंडेर को तोड़ने के बाद, करीब दो घंटे की मशक्कत से कुएं में उतरे चारों युवकों के शवों को बाहर निकाला गया।

    विधायक और पुलिस आयुक्त ने लिया जायजा

    घटना की सूचना पाकर बादली से विधायक कुलदीप वत्स तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य पूरा होने तक वहीं मौजूद रहे। रात करीब 12 बजे पुलिस आयुक्त डा. राजश्री सिंह भी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल जाकर भी पूरी जानकारी जुटाई थी। फिलहाल, पुलिस टीम ने शवों को अस्पताल के शवगृह में भिजवा दिया है।