अंडर-19 वर्ल्ड कप में हरियाणा के लाल का कमाल, कनिष्क चौहान ने पाकिस्तान को चटाई धूल; गांव में दिवाली जैसा जश्न
अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में कनिष्क चौहान ने पाकिस्तान के खिलाफ शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन कर भारत को जीत दिलाई। उन्हें 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया, जिससे उ ...और पढ़ें

अंडर-19 वर्ल्ड कप में कनिष्क चौहान ने पाकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया (फोटो: जागरण)

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संवाद सूत्र, झज्जर। अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ अपनी जादुई गेंदबाजी और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले ऑलराउंडर कनिष्क चौहान इस समय देश के नए हीरो बन गए हैं। जिम्बाब्वे में खेले जा रहे टूर्नामेंट में कनिष्क चौहान के शानदार प्रदर्शन के बाद उनके पैतृक गांव कुलाना में दीपावली जैसा माहौल है।
कनिष्क ने लगातार दूसरी बार पाकिस्तान के खिलाफ ''मैन आफ द मैच'' का खिताब जीता है। इससे पहले दुबई में हुए एशिया कप में भी उन्होंने पाक के खिलाफ 48 रन और 3 विकेट लिए थे। अब सभी को 6 फरवरी के फाइनल का इंतजार है। उम्मीद है कि जहां कनिष्क एक बार फिर तिरंगा लहराने को तैयार हैं।
बता दे कि बीते रविवार को हुए हाई-वोल्टेज मुकाबले में कनिष्क चौहान ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने संकट के समय में मात्र 29 गेंदों पर 35 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली और गेंदबाजी में 10 ओवरों में केवल 30 रन देकर 1 विकेट झटका। उनके इस आलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें ''मैन आफ द मैच'' के खिताब से नवाजा गया।
बेटे की सफलता पर मां सरिता चौहान ने हरियाणवी अंदाज में कहा, 'हमें तो पहले ही पता था कि वो मैदान में धुम्मा ही ठा देगा (शानदार प्रदर्शन करेगा)। उन्होंने बताया कि मैच के बाद बेटे से बात करने के बाद ही उन्हें सुकून की नींद आई।
6 फरवरी को होने वाले फाइनल मुकाबले पर भी सभी की निगाहें टिकी हैं। कनिष्क के माता-पिता को पूरी उम्मीद है कि उनका बेटा फाइनल में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर भारत को विश्व विजेता बनाएगा।
कनिष्क की मां ने बताया कि जब उनका लाडला वर्ल्ड कप की ट्राफी लेकर घर लौटेगा, तो उसका स्वागत उसकी सबसे पसंदीदा चीजों से होगा। उन्होंने कहा, कनिष्क को मेरे हाथ का बना देशी घी का चूरमा और गाजर का हलवा बहुत पसंद है। चैंपियन के घर लौटने पर मैं खुद अपने हाथों से ये पकवान बनाकर उसका मुंह मीठा कराऊंगी।
गांव कुलाना ने भी अपने लाडले के स्वागत के लिए पलक-पावड़े बिछा दिए हैं। अभी तक तय कार्यक्रम के हिसाब से, 9 फरवरी को गांव में एक विशाल सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें पूरे इलाके के गणमान्य लोग कनिष्क को सम्मानित करेंगे। उसी दिन रात को परिवार की ओर से जीत की खुशी और कनिष्क के उज्ज्वल भविष्य के लिए जागरण का भी आयोजन किया जाएगा।
कनिष्क की सफलता केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक ही सीमित नहीं है। आगामी आइपीएल सीजन में वह रायल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेलते नजर आएंगे। उन्हें 30 लाख रुपये के बेस प्राइस पर टीम में शामिल किया गया है, जिससे उनके प्रशंसकों में भारी उत्साह है। स्वजनों के मुताबिक, 26 सितंबर 2006 को जन्मे कनिष्क ने मात्र 4 साल की उम्र में क्रिकेट बैट थाम लिया था।
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बेहतर ट्रेनिंग के लिए साल 2014 में उनका परिवार झज्जर से सिरसा शिफ्ट हो गया, ताकि कनिष्क शाह सतनाम जी स्टेडियम में बेहतर सुविधाओं के साथ अभ्यास कर सकें। साल 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू किया, जहां 5 मैचों में 8 विकेट और 114 रन बनाकर ''बेस्ट आलराउंडर आफ द सीरीज'' बने।