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    निमाना स्कूल बना घुड़सवारी सिखाने वाला पहला सरकारी स्कूल, हरियाणा के झज्जर में छात्रों के लिए अनूठी पहल

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 01:28 PM (IST)

    झज्जर का राजकीय माध्यमिक विद्यालय, निमाना, पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को घुड़सवारी का अनूठा प्रशिक्षण दे रहा है। ...और पढ़ें

    झज्जर के निमाना स्कूल में पढ़ाई संग घुड़सवारी का अनूठा प्रशिक्षण (फोटो: जागरण)

    झज्जर के निमाना स्कूल में पढ़ाई संग घुड़सवारी का अनूठा प्रशिक्षण (फोटो: जागरण)

    HighLights

    1. राजकीय माध्यमिक विद्यालय निमाना में घुड़सवारी प्रशिक्षण।

    2. बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और साहस का विकास।

    3. समाजसेवी सुनील निमाना के सहयोग से अनोखी पहल।

    राकेश कुमार, झज्जर। शिक्षा के साथ खेल और व्यक्तित्व विकास को नई दिशा देने वाला झज्जर जिले का राजकीय माध्यमिक विद्यालय, निमाना इन दिनों पूरे प्रदेश में मिसाल बनकर उभर रहा है। यह संभवतः हरियाणा का ऐसा अनूठा सरकारी विद्यालय है, जहां बच्चों को नियमित पढ़ाई के साथ-साथ घुड़सवारी का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

    पिछले करीब एक माह से विद्यालय परिसर में घुड़सवारी की विशेष कक्षाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें लगभग 50 छात्र-छात्राएं पूरे उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य केवल बच्चों को घोड़े की सवारी सिखाना नहीं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और साहस का विकास करना भी है।

    विद्यालय में प्रशिक्षण पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराया जा रहा है। बच्चों को घोड़े पर संतुलन बनाना, सुरक्षित तरीके से चढ़ना-उतरना, लगाम संभालना तथा नियंत्रित ढंग से घुड़सवारी करने का अभ्यास कराया जाता है।

    प्रशिक्षण के लिए दो घोड़ियां उपलब्ध कराई गई हैं तथा अनुभवी प्रशिक्षक अरुण शास्त्री सहित दो प्रशिक्षक बच्चों को नियमित रूप से प्रशिक्षण दे रहे हैं। बच्चों में इस नई गतिविधि को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है और वे पढ़ाई के साथ इस हुनर को भी पूरी लगन से सीख रहे हैं।

    विद्यालय में शिक्षा और खेल का संतुलित वातावरण तैयार करने की पहल

    इस सराहनीय पहल के पीछे गोकुलधाम महातीर्थ गौशाला के संचालक एवं समाजसेवी सुनील निमाना का विशेष योगदान है। उनके सहयोग से विद्यालय में घुड़सवारी प्रशिक्षण शुरू किया गया है।

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    सुनील निमाना का मानना है कि केवल पाठ्यपुस्तकों का ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि खेल और रचनात्मक गतिविधियां भी बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने विद्यालय में शिक्षा और खेल का संतुलित वातावरण तैयार करने की पहल की है।

    विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर नए प्रयास

    विद्यालय के मुख्य अध्यापक विक्रम ने बताया कि राजकीय माध्यमिक विद्यालय, निमाना केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि आसपास के नौ गांवों के छात्र-छात्राएं इस विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए विद्यालय का विस्तार भी किया जा रहा है।

    आठ नए साउंड प्रूफ एवं वातानुकूलित कमरों का निर्माण जारी

    विद्यालय में करीब सवा करोड़ रुपये की लागत से आठ नए साउंड प्रूफ एवं वातानुकूलित कमरों का निर्माण कराया जा रहा है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इन कमरों के तैयार होने के बाद विद्यार्थियों को और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। इससे विद्यालय की आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।

    सुनील निमाना ने बताया कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए वे निजी स्तर पर करीब 20 अध्यापकों का वेतन भी वहन कर रहे हैं, ताकि किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित न हो।

    उनका कहना है कि यदि बच्चों को अच्छी शिक्षा, आधुनिक संसाधन, खेल सुविधाएं और सकारात्मक माहौल मिले तो वे भविष्य में गांव, जिला, प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।

    विद्यालय के विकास में ग्राम पंचायत का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। शिक्षा, खेल और सामाजिक सहयोग के इस समन्वित माडल की क्षेत्र में सराहना हो रही है। अभिभावकों का मानना है कि सरकारी विद्यालयों में इस तरह की पहल बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी।