यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lok Sabha Election 2024: सुबह से हुई शाम-नहीं लगा फोन, जब संसद में हरियाणा की इस पहली महिला सांसद ने उठाया था मामला
बात साल 1978 की है। जब देश की छठीं लोकसभा कार्य (Lok Sabha Election 2024) कर रही थी। उस समय हरियाणा की पहली महिला सांसद चंद्रावती ने सदन पटल पर टेलीफो ...और पढ़ें

HighLights
- बंसीलाल को हराकर पहुंची थी संसद में चंद्रावती।
- तमाम प्रयासों के बाद भी देश में बढ़ नहीं पाया वन क्षेत्र।
अमित पोपली,झज्जर। बात 16 मार्च 1978 की है। देश की छठीं लोकसभा के चौथे सत्र में हरियाणा (Haryana News) की पहली महिला सांसद चंद्रावती ( First woman MP of Haryana Chandrawati) द्वारा पूछे गए प्रश्न पर सदन में दिया गया यह जवाब शायद आज के समय में किसी को भी अचरज में डाल सकता है।
मंत्री से मिला ये जवाब
जब संचार मंत्रालय से केंद्रीय मंत्री नरहरि प्रसाद सुखदेव (Narhari Prasad Sukhdev) ने एक नया टेलीफोन कनेक्शन देने में लगने वाली समय सीमा को थोड़े दिनों से लेकर अन्य मामलों में दस वर्ष तक बताया। दो पेज के अपने जवाब में बताया कि हरियाणा के 2158 सहित पूरे देश भर में 1 लाख 99 हजार 788 लोग टेलीफोन कनेक्शन मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
साथ ही, इस बात के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और आशा की जाती है कि देश के कुछ खास इलाकों और कुछ बड़े नगरों को छोड़कर इस समय जो भी टेलीफोन कनेक्शनों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन सभी लोगों को साल 1980 (करीब दो साल बाद) के अंत तक टेलीफोन कनेक्शन दे दिए जाएंगे।
छोटे एक्सचेंजों से बहुत लंबी दूरी के कुछ कनेक्शन को देना भी संभव न हो सकेगा। दरअसल, सांसद चंद्रावती ने संचार मंत्री से नाराजगी व्यक्त करते हुए यह भी पूछा था कि बुक कराई जाने वाली कॉलों को एक्सचेंज में रिकॉर्ड तो कर लिया गया जाता है, परन्तु उनकी बारी नहीं आती।
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खुद उन्होंने एक कॉल सवेरे बुक कराई थी और शाम होने तक उसकी बारी नहीं आई। जिस पर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सभी टिकट, चाहे कॉल प्रभावी हो या ना नहीं हो, अगले दिन लेखा कार्यालय में भेज दी जाती है। लेकिन, अलग से यह रिकॉर्ड नहीं रखा जाता कि कौन सी ऐसी काल थी जो प्रात: कॉल में बुक कराई गईं और सायंकाल तक भी नहीं लगाई जा सकी हो।
तमाम प्रयासों के बाद भी देश में बढ़ नहीं पाया वन क्षेत्र
सांसद चंद्रावती द्वारा पूछे गए एक प्रश्न का जवाब देते हुए कृषि और सिंचाई मंत्री सुरजीत सिंह बरनाला (Surjit Singh Barnala) ने बताया कि देश में वनों के अन्तर्गत 749 लाख हेक्टेयर क्षेत्र है। राष्ट्रीय वन नीति, 1952 के अनुसार देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का, जो कि लगभग 1096 लाख हेक्टेयर बैठता है, 33 प्रतिशत वनों के अन्तर्गत होना चाहिए।
जिस पर सरकार ने आश्वस्त किया कि वन क्षेत्र को बढ़ाए जाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जबकि राज्य वन रिपोर्ट 2021 के अनुसार देश का कुल वन क्षेत्र मौजूदा समय में 7,13,789 स्वक्वायर किलोमीटर में फैला है। जो देश के भौगोलिक क्षेत्र का 21.72 प्रतिशत है।
बंसीलाल को हराकर पहुंची थी संसद में चंद्रावती
जनता पार्टी (Janta Party) की ओर से चुनाव लड़ते हुए पूर्व सीएम बंसीलाल (Former CM Bansilal) को करारी शिकस्त देकर संसद में पहुंची थी। बता दें कि सूबे की प्रथम महिला अधिवक्ता, प्रथम महिला विधायक दल नेत्री, प्रथम महिला सांसद ने संगरूर (Sangrur News) से स्नातक की थी, वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की थी।