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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana News: रिश्वत लेते हुए पकड़े गए पटवारी पर चार साल की कैद, 20 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया

    By Jagran NewsEdited By: Shoyeb Ahmed
    Updated: Fri, 08 Sep 2023 08:23 PM (IST)

    हरियाणा के जिंद में राजस्व पटवारी पर अदालत ने चार साल की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। पटवारी पर चार साल पहले खराब हुई फसल का मुआवजा देने के ...और पढ़ें

    रिश्वत लेते हुए पकड़े गए पटवारी पर चार साल की कैद और 20 हजार का लगा जुर्माना
    रिश्वत लेते हुए पकड़े गए पटवारी पर चार साल की कैद और 20 हजार का लगा जुर्माना

    HighLights

    1. खराब हुई फसल का मुआवजा देने के एवज में राजस्व पटवारी पर चार साल की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माना लगा
    2. गांव पौली निवासी रमेश ने तीन दिसंबर 2019 को एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दी थी
    3. 2017-18 में वर्षा के कारण फसल को नुकसान हुआ था

    जींद, जागरण संवाददाता। हरियाणा के जिंद में खराब हुई फसल का मुआवजा (Compensation) देने की एवज में राजस्व पटवारी (Revenue Patwari) पर अदालत ने चार साल की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माना का फैसला (Court Decision) सुनाया है। पटवारी को चार साल पहले 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। जुर्माना नहीं भरने की सूरत में छह माह की अतिरिक्त सजा काटने का भी आदेश दिया गया है।

    ये है पूरा मामला

    अदालत में चले अभियोग के अनुसार गांव पौली निवासी रमेश ने तीन दिसंबर 2019 को एंटी करप्शन ब्यूरो में दी शिकायत में बताया था कि वर्ष 2017-18 में वर्षा के कारण फसल को नुकसान हुआ था। जहां पर सरकार की तरफ से उसके मुआवजे के लिए 40 हजार रुपये की राशि मंजूर हुई थी। हलका पटवारी रविंद्र फसल खराब होने की मुआवजा राशि को उसके खाते में डालने के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत की डिमांड कर रहा है। रिश्वत राशि न दिए जाने पर फसल खराबा मुआवजा राशि उसके खाते में नहीं डाल रहा है।

    डयूटी मजिस्ट्रेट खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सफीदों कीर्ति सरोहवाल की उपस्थिति में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पटवारी रविंद्र को जुलाना तहसील कार्यालय रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। उसके पास से टीम ने रिश्वत के 20 हजार रुपये बरामद कर लिए थे। एंटी करप्शन ब्यूरो ने पटवारी रविंद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफतार कर लिया था। तभी से मामला अदालत मे विचाराधीन था।

    सत्र न्यायधीश ने सुनाया फैसला

    इस मामले पर शुक्रवार को अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायधीश नेहा नौरिया की अदालत ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम मे पटवारी रविद्र को दोषी करार देते हुए चार साल की कैद व 20 हजार रूपये जुर्माना किया है।

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