जल्द जींद से सीधे दिल्ली तक दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, अगले फेज में 34 और रेलगाड़ियां होंगी शुरू
प्रधानमंत्री मोदी ने जींद से सोनीपत के बीच भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, जिससे भारत हाइड्रोजन ईंधन आधारित रेल तकनीक वाले चुनिंदा देश ...और पढ़ें
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जल्द जींद से डायरेक्ट दिल्ली तक जाएगी हाइड्रोजन ट्रेन।
HighLights
प्रधानमंत्री मोदी ने जींद से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई
भारत हाइड्रोजन ईंधन आधारित रेल तकनीक वाले चुनिंदा देशों में शामिल हुआ
भारतीय रेलवे 34 और हाइड्रोजन ट्रेनों के संचालन की योजना पर काम कर रहा है
डिजिटल डेस्क, जींद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (17 जुलाई, 2026) को हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दिया। हाइड्रोजन ट्रेन की उपलब्धि के बाद भारत जर्मनी, चीन, फ्रांस, इटली और ब्रिटेन जैसे उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिन्होंने हाइड्रोजन ईंधन आधारित रेल तकनीक पर काम शुरू किया है।
अधिकांश यूरोपीय हाइड्रोजन ट्रेनें 2 से 4 कोच वाली हैं, जबकि भारत ने शुरुआत ही 10 कोच वाली पूर्ण यात्री ट्रेन से की है। ट्रेन की ऊर्जा हाइड्रोजन फ्यूल सेल से बनती है, जिससे संचालन के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन नहीं होता।

निकास के रूप में केवल जलवाष्प निकलती है। बता दें कि भारतीय रेलवे आने वाले वर्षों में चयनित मार्गों पर 34 हाइड्रोजन ट्रेनों के संचालन की योजना पर भी काम कर रहा है, जिससे स्वच्छ और हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय रेल मंत्री ने इस उपलब्धि के बाद कहा कि भारत अब दुनिया के उन चुनींदा देशों में शामिल हो गया, जहां हाइड्रोजन ट्रेन की पूरी तकनीक उपलब्ध है। कोई धुआं नहीं, कोई पेट्रोल व डीजल की जरूरत नहीं है। पानी से यह रेल चलेगी।
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उन्होंने आगे कहा कि मैं इस बड़ी उपलब्धि के लिए भारत के शीर्ष नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व इंजीनियरों को सैल्यूट करता हूं। सोनीपत से दिल्ली की आगे टेस्टिंग तक चल रही है। आगे जींद से दिल्ली तक यह रेलगाड़ी जाएगी।
कांग्रेस के कार्यकाल में रेलवे को हरियाणा में सिर्फ 300 करोड़ रुपये मिलते थे। आज भारत सरकार ने 11 गुणा बजट कर दिया है। 18 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का काम अभी हरियाणा में संचालित है।