PM मोदी के जींद दौरे का बदला रूट, अब रेलवे जंक्शन पर उतरेगा हेलीकॉप्टर; हाइड्रोजन ट्रेन और रैली के लिए तैयारी पूरी
प्रधानमंत्री के जींद दौरे के रूट प्लान में बदलाव किया गया है, अब उनका हेलीकॉप्टर रेलवे जंक्शन पर उतर सकता है। सुरक्षा कारणों से अंतिम रूट तय नहीं किया ...और पढ़ें
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PM मोदी के जींद दौरे का बदला रूट। फाइल फोटो
HighLights
प्रधानमंत्री के जींद दौरे का रूट प्लान बदला गया।
हेलीकॉप्टर अब रेलवे जंक्शन पर उतरने की संभावना।
सुरक्षा कारणों से अंतिम रूट अभी तय नहीं।
जागरण संवाददाता, जींद। लोगों को परेशानी न हो इसलिए रूट में किया गया बदलाव किया गया है। आगमन से दो दिन पहले जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री के रूट प्लान में बदलाव किया है। उनका हेलीकाप्टर अब रेलवे जंक्शन पर उतर सकता है।
एक और मुख्य रास्ता तैयार किया गया है, जिस पर प्रधानमंत्री के जाने की संभावना है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से कौन सा रास्ता फाइल होता है, वह अभी तक नहीं बताया गया है। बुधवार शाम को माक ड्रिल के तहत रेलवे जंक्शन पर एसपीजी का हेलीकाप्टर भी उतारा गया।
यहां पर सभी विभागों ने अपनी-अपनी ड्यूटी के अनुसार माक ड्रिल भी की। वहीं रैली में इलेक्ट्रिक वाहनों से आने वाले लोगों के वाहनों की चार्जिंग के लिए भी सुविधा तैयार की गई है। कई स्थानों पर चार्जिंग प्वाइंट बनाए गए हैं।
रेलवे जंक्शन के पास स्थित ग्राउंड में हेलीकाप्टर से उतरेंगे
प्रधानमंत्री के जींद कार्यक्रम के अनुसार वह सबसे पहले रेलवे जंक्शन पर हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके बाद सफीदों रोड पर स्थित एकलव्य स्टेडियम के पास हुडा ग्राउंड में रैली को संबोधित करेंगे। रेलवे स्टेशन व रैली स्थल के बीच लगभग 10 किलोमीटर की दूरी है।
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ऐसे में एक जगह पर उनको सड़क मार्ग से जाना पड़ेगा। पहले प्रधानमंत्री का कार्यक्रम पुलिस लाइन मैदान में हेलीकाप्टर से उतरकर गोहाना रोड से जंक्शन तक पहुंचने का था। अब दूसरे रूट के अनुसार प्रधानमंत्री सीधे रेलवे जंक्शन के पास स्थित ग्राउंड में हेलीकाप्टर से उतरेंगे।
इसके बाद वह पटियाला चौक से होते हुए बाईपास से हुडा ग्राउंड तक सड़क मार्ग से जाएंगे। इसके अलावा पुलिस ने एक और रूट तय किया है। पुलिस के अनुसार अभी तक कोई भी रूट फाइनल नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री किसी भी रूट से जा सकते हैं। उनकी सुरक्षा कारणों से एकदम से रूट प्लान बदला जा सकता है।
सभी विभागों ने जांची व्यवस्थाएं
स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) ने रेलवे जंक्शन पर हेलीकाप्टर उतारकर माक ड्रिल की। एसपीजी ने सबसे पहले रेलवे जंक्शन के पास स्थित ग्राउंड में अपना हेलीकाप्टर उतारा। इसके बाद पुलिस लाइन और रैली मैदान के पास बनाए गए हेलीपैड पर भी एसपीजी ने हेलीकाप्टर उतारकर देखा।
मॉक ड्रिल के दौरान जिन-जिन विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी रही, वह वहां पर मौजूद रहे। इस माक ड्रिल के दौरान सभी विभागों ने अपनी-अपनी व्यवस्थाएं जांची।
90 से अधिक चार्जिंग प्वाइंट बनाए गए
प्रधानमंत्री की इको फ्रेंडली रैली के चलते इलेक्ट्रिक बसों में लोगों के आने का आह्वान किया गया है। ऐसे में करनाल, हिसार, पानीपत सहित अलग-अलग डिपो में चल रही लगभग 125 इलेक्ट्रिक बसों की रैली वाले दिन आने की संभावना है।
बिजली निगम ने इलेक्ट्रिक बसों व अन्य वाहनों के लिए 90 से अधिक चार्जिंग प्वाइंट बनाए हैं। इसमें से एक मशीन पर दो चार्जिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। यहां दो वाहनों को चार्ज किया जा सकेगा। 90 में से 24 चार्जिंग प्वाइंट बिजली निगम ने रोडवेज को मुहैया करवाए हैं।
इसमें से 12 चार्जिंग प्वाइंट वर्कशाप परिसर में व 12 चार्जिंग प्वाइंट पार्किंग स्थल पर इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग के लिए लगाए गए हैं। वहीं, अन्य चार्जिंग प्वाइंट जनसभा में आने वाले अन्य वाहन जैसे इलेक्ट्रिक गाड़ियां, ई स्कूटी, ई रिक्शा जैसे वाहनों के लिए रहेंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने बनाए सेफ हाउस
स्वास्थ्य विभाग ने चार सेफ हाउस के साथ चार सेफ अस्पताल भी बनाए हैं। अलग-अलग जगह 15 एएलएस और 15 ही बीएलएस एंबुलेंस मौजूद रहेंगी। निजी अस्पतालों में सेफ अस्पताल बनाने का कारण यह है कि यह रैली और कार्यक्रम के स्थान के नजदीक हैं। एक एंबुलेंस में दो स्पेशलिस्ट, जरूरत की दवा, एक फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन व रक्त की सुविधा होगी।
तैयारियों का जायजा लेने डीआरएम भी पहुंचे
रेलवे जंक्शन पर तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुधवार को डीआरएम पुष्पेश रमन त्रिपाठी जींद के रेलवे जंक्शन पर पहुंचे। उन्होंने पत्रकार वार्ता में बताया कि हाइड्रोजन टेक्नोलाजी इस समय विश्व के कुछ ही देशों के पास है। भारत में इतनी बड़ी हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाली टेक्नोलाजी तो किसी दूसरे देश के पास भी नहीं है।