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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कैथल: फर्जी तरीके से दुकान की रजिस्ट्री करवाने के आरोप में तत्कालीन तहसीलदार सहित आठ लोगों के विरुद्ध केस दर्ज

    By Sunil Kumar Edited By: Monu Kumar Jha
    Updated: Tue, 23 Jan 2024 12:57 PM (IST)

    Kaithal Crime गलत तरीके से एक दुकान की रजिस्ट्री करवाने का मामला सामने आया है। शिकायत में बताया कि आरोपितों ने जिला सचिवालय के सामने सुभाष मार्केट में ...और पढ़ें

    Kaithal News: गलत तरीके से एक दुकान की रजिस्ट्री करवाने का मामला।फाइल फोटो
    Kaithal News: गलत तरीके से एक दुकान की रजिस्ट्री करवाने का मामला।फाइल फोटो

    HighLights

    1. साल 2012 में इंतकाल भी हुआ उसके पिता के नाम।
    2. फर्जी तरीके से दुकान की करवाई रजिस्ट्री।
    3. शिकायत के आधार पर पुलिस ने किया केस दर्ज।

    जागरण संवाददाता, कैथल। गलत तरीके से एक दुकान की रजिस्ट्री करवाने का मामला सामने आया है। गांव चंदाना निवासी यशपाल की शिकायत पर तत्कालीन तहसीलदार रोशनलाल, शिमला रानी, अनीता, मदनलाल, स्वीन गुप्ता, दयावती, गौरव गुप्ता और नीरु गुलाटी के विरुद्ध सिविल लाइन थाना में केस दर्ज किया गया है।

    साल 2012 में इंतकाल भी हुआ उसके पिता के नाम

    शिकायत में बताया कि आरोपितों ने जिला सचिवालय के सामने सुभाष मार्केट में दुकान नंबर 29-ए नीरु गुलाटी के नाम करवाई है। उसके स्वर्गीय पिता रति राम ने यह दुकान साल 2002 में सेक्टर-19 निवासी सतीश कुमार से खरीदी थी। साल 2012 में इंतकाल भी उसके पिता के नाम हो गया था।

    साल 2014 में उसके पिता का देहांत हो गया था। दिसंबर 2023 में वह अपनी दुकान को देखने के लिए गया तो वहां शिमला और अनीता ने दुकान पर कब्जा किया हुआ था। उसने अपने स्तर पर कागजातों की जांच की तो पता लगा कि आरोपितों ने तत्कालीन तहसीलदार से मिलीभगत करके फर्जी कागजात लगाकर दुकान को नीरु के नाम करवाया हुआ था।

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    फर्जी तरीके से दुकान की करवाई रजिस्ट्री 

    जिस दुकान के कागजात लगाए गए थे वह दुकान 27-बी थी लेकिन फर्जी तरीके से उसकी दुकान की रजिस्ट्री करवा ली गई। इस कार्य में सभी आरोपितों ने मिलकर नीरु की सहायता की और उसकी दुकान को अपने नाम करवा लिया।

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    शिकायत के आधार पर पुलिस ने किया केस दर्ज 

    उसने दुकान के बारे आरोपितों को कहा तो वे कहने लगे कि दुकान की रजिस्ट्री उनके नाम है और अब दुकान भी उनकी ही है। जांच अधिकारी एसआई कुलविंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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