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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Kaithal News: सरकारी कर्मचारी नहीं बन सकते चुनाव एजेंट, डीसी बोले- पकड़े जाने पर होगी कड़ी कार्रवाई

    Updated: Sun, 25 Aug 2024 03:39 PM (IST)

    आदर्श आचार संहिता के दौरान कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी भी पार्टी या उम्मीदवार का चुनाव एजेंट नहीं बन सकता। यदि कोई कर्मचारी ऐसा करता पाया जाता है तो उ ...और पढ़ें

    सरकारी कर्मचारी नहीं बन सकते चुनाव एजेंट (फाइल फोटो)।
    सरकारी कर्मचारी नहीं बन सकते चुनाव एजेंट (फाइल फोटो)।

    HighLights

    1. सरकारी कर्मचारी के चुनाव एजेंट बनने पर होगी कार्रवाई
    2. आचार संहिता उल्लंघन मामले को लेकर होगी कार्रवाई

    जागरण संवाददाता, कैथल। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी डा. विवेक भारती ने बताया कि आदर्श आचार संहिता के दौरान कोई भी कर्मचारी जोकि सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं, वह किसी भी पार्टी या उम्मीदवार का चुनाव एजेंट नहीं बन सकता। यदि कोई कर्मचारी ऐसा करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ चुनाव आचार संहिता की उल्लंघना के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

    डीसी ने बताया कि विधानसभा आम चुनाव 2024 की घोषणा के साथ ही आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो चुकी है। इसकी पालना करना आम जनता के साथ-साथ सरकारी सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों का भी कर्तव्य है। चुनाव आदर्श आचार संहिता के तहत सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारी उम्मीदवार के चुनाव एजेंट, पोलिंग एजेंट या काउंटिंग एजेंट के तौर पर कार्य नहीं कर सकता है। यदि कोई कर्मचारी ऐसा करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कारावास व जुर्माना दोनों का प्रावधान है।

    मतदाताओं को प्रभावित करने वाली गतिविधि में न शामिल हों सरकारी कर्मचारी

    जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कर्मचारियों द्वारा आदर्श चुनाव आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करने बारे हिदायतें जारी की गई हैं। इन हिदायतों के अनुसार कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी राजनीतिक दल या राजनीति में भाग लेने वाले किसी संगठन का न तो सदस्य हो सकता है और न ही इनसे संबंध रख सकता है। कोई सरकारी कर्मचारी मतदाताओं को प्रभावित करने की किसी गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता है।

    सरकारी कर्मचारी नहीं लगा सकेंगे चुनाव सामग्री

    इसके अलावा सरकारी कर्मचारी अपने व्यक्तिगत वाहन या रिहायशी मकान पर भी मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किसी भी प्रकार का चुनाव चिन्ह नहीं लगा सकता है और न ही कोई सरकारी कर्मचारी चुनाव प्रचार में भाग ले सकता है।

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